Aaj Ka Panchang: 30 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज से उत्तर भारत में पवित्र सावन मास का शुभारंभ माना जा रहा है। भगवान शिव की आराधना, व्रत, जप और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सावन का महीना अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि भी है, जो नए पक्ष की शुरुआत का संकेत देती है। यदि आप आज पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या किसी नए कार्य की योजना बना रहे हैं, तो दिनभर के शुभ-अशुभ समय और पंचांग की जानकारी जानना उपयोगी रहेगा।
30 जुलाई 2026 का आज का पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (रात्रि 9:31 बजे तक) |
| वार | गुरुवार |
| पूर्णिमांत मास | आषाढ़ |
| अमांत मास | आषाढ़ |
| उत्तर भारत | सावन मास का प्रारंभ |
| विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
| शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
| ऋतु | वर्षा |
| अयन | दक्षिणायन |
| सूर्योदय | सुबह 5:25 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 6:45 बजे |
| चंद्रोदय | शाम 7:23 बजे |
| चंद्रास्त | सुबह 5:48 बजे |
| नक्षत्र | श्रवण (शाम 5:44 बजे तक) |
| योग | आयुष्मान (रात्रि 12:06 बजे तक) |
| करण | बालव (सुबह 8:49 बजे तक) |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक |
| राहुकाल | दोपहर 1:45 बजे से 3:25 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 8:45 बजे से 10:25 बजे तक |
| यमघण्टकाल | सुबह 5:25 बजे से 7:05 बजे तक |
| दिशाशूल | दक्षिण |
| सूर्य राशि | कर्क |
| चंद्र राशि | मकर |
आज की तिथि और वार का महत्व
आज कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात्रि 9:31 बजे तक रहेगी। प्रतिपदा किसी भी नए पक्ष का पहला दिन होती है और इसे नई योजनाओं की शुरुआत, पुराने कार्यों की समीक्षा तथा आने वाले समय की तैयारी के लिए अनुकूल माना जाता है।
गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन ज्ञान, शिक्षा, गुरुजनों के सम्मान, धार्मिक कार्यों और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए शुभ माना जाता है। आध्यात्मिक साधना और शुभ संकल्प लेने के लिए भी आज का दिन विशेष महत्व रखता है।
सावन मास का शुभारंभ और मास की विशेषता
आज उत्तर भारत में सावन मास की शुरुआत हो रही है। सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र महीनों में गिना जाता है। इस पूरे महीने में शिवलिंग का अभिषेक, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, व्रत और शिव मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
अमांत और पूर्णिमांत दोनों पंचांग प्रणालियों के अनुसार आज आषाढ़ मास प्रभावी है, जबकि उत्तर भारत की परंपरा में आज से सावन मास आरंभ हो रहा है।
विक्रम संवत, शक संवत, ऋतु और अयन
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय कालगणना में इन संवतों का विशेष महत्व माना जाता है।
वर्तमान में वर्षा ऋतु चल रही है, जिससे मौसम में ठंडक और हरियाली का प्रभाव दिखाई देता है। वहीं दक्षिणायन काल जारी है, जिसे वैदिक परंपरा में साधना, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 5:25 बजे और सूर्यास्त शाम 6:45 बजे होगा। पूजा-पाठ, व्रत और अन्य शुभ कार्यों की योजना बनाते समय इन समयों का विशेष ध्यान रखा जा सकता है।
आज चंद्रोदय शाम 7:23 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन सुबह 5:48 बजे होगा। चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में स्थित रहेगा, जिसका प्रभाव पंचांग की दैनिक गणना में महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का नक्षत्र, योग और करण
आज श्रवण नक्षत्र शाम 5:44 बजे तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह नक्षत्र अनुशासन, आध्यात्मिकता, ज्ञान और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रारंभ होगा।
आयुष्मान योग रात्रि 12:06 बजे तक रहेगा। इस योग को स्वास्थ्य, ऊर्जा, सकारात्मक सोच और शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है।
बालव करण सुबह 8:49 बजे तक प्रभावी रहेगा। पंचांग में करण का उपयोग दैनिक कार्यों के शुभ-अशुभ समय के निर्धारण में महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का शुभ मुहूर्त और अशुभ समय
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय में महत्वपूर्ण और शुभ कार्यों की शुरुआत करना अच्छा माना जाता है।
आज का राहुकाल दोपहर 1:45 बजे से 3:25 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल सुबह 8:45 बजे से 10:25 बजे तक और यमघण्टकाल सुबह 5:25 बजे से 7:05 बजे तक रहेगा।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।
दिशाशूल और ग्रहों की स्थिति
आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा। यदि दक्षिण दिशा की यात्रा आवश्यक हो तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ उपाय करने के बाद यात्रा करना उचित माना जाता है।
आज सूर्य कर्क राशि में तथा चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव दिन के सामान्य ज्योतिषीय वातावरण और पंचांग की गणना में महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का दिन क्यों है खास?
30 जुलाई 2026 का दिन सावन मास के शुभारंभ और कृष्ण पक्ष की शुरुआत के कारण विशेष महत्व रखता है। यह दिन नई शुरुआत, धार्मिक साधना, आत्मचिंतन और सकारात्मक संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। यदि आप आज अपने महत्वपूर्ण कार्य पंचांग में बताए गए शुभ समय के अनुसार करते हैं और राहुकाल जैसे अशुभ समय का ध्यान रखते हैं, तो दिन की योजना अधिक व्यवस्थित और संतुलित ढंग से बनाई जा सकती है। साथ ही सावन के पहले दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव किया जा सकता है।



