रिपोर्ट- चन्द्रभान साहू
ग्रामीणों का आरोप- भ्रष्टाचार और लापरवाही से हुआ निर्माण
नरहरपुर। विकास की चमक-दमक के दावों के बीच सड़कों की असली तस्वीर एक बार फिर सामने आ गई है। जामगांव से नरहरपुर ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ने वाली करोड़ों की लागत से बनी मुख्य सड़क महज एक साल में ही खराब हो गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी हुई परतें और कीचड़ से भरे हिस्से इस सड़क को अब खतरे का रास्ता बना चुके हैं।
सड़क बनी खतरा, लोगों की जिंदगी दांव पर
ग्रामवासियों का कहना है कि यह सड़क अब चलने लायक भी नहीं रही। बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है, वहीं किसानों की उपज बाजार तक नहीं पहुंच पा रही। गड्ढों से भरी सड़क पर वाहन दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और दोपहिया वाहन चालक तथा पैदल यात्री रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप- घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार का खेल
ग्रामीणों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद सड़क महज एक साल में उखड़ जाना यह साबित करता है कि न तो इंजीनियरिंग स्तर पर काम सही हुआ और न ही अधिकारियों ने उचित निगरानी की।
मॉनसून ने और बिगाड़े हालात
मॉनसून की बारिश से गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे सड़क पूरी तरह से दलदल में बदल चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लोक निर्माण विभाग ने तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो वे जन आंदोलन छेड़ देंगे और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
जवाबदेही पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? क्या भ्रष्टाचार और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी कागजों तक सीमित रह जाएगा?





