,

खंडोली डैम विवाद: आरोपों के पीछे निकली राजनीति और वसूली की साज़िश

Khandoli Dam Dispute: Politics and extortion conspiracy behind the allegations

रिपोर्ट- विवेक गुप्ता

गिरिडीह। खंडोली डैम को लेकर बीते कुछ दिनों से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लगाया गया कि गिरिडीह से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित मशरूम और अंडा फार्म से निकलने वाला गंदा पानी सीधे डैम में छोड़ा जा रहा है। लेकिन जांच और तथ्यों ने इस पूरे मामले को अलग ही दिशा दे दी है।

फार्म संचालक ने लगाए गंभीर आरोप

मामले में स्थानीय मुखिया ने आरोप लगाया था कि फार्म से निकलने वाली गंदगी डैम का पानी प्रदूषित कर रही है। हालांकि, फार्म संचालक का कहना है कि फार्म से डैम की दूरी करीब 3 किलोमीटर है और इस वजह से गंदा पानी डैम तक पहुंचने का सवाल ही नहीं उठता।
संचालक ने यह भी खुलासा किया कि स्थानीय मुखिया पिछले कई महीनों से उनसे 50 हजार रुपये मासिक वसूली की मांग कर रहे थे। पैसे देने से इनकार करने के बाद ही उन पर इस तरह के आरोप लगाए जाने लगे।

चार साल से संचालित है फार्म

फार्म संचालक ने बताया कि यह मशरूम और अंडा फार्म पिछले चार वर्षों से संचालित है। इस दौरान फार्म के निर्माण कार्य में ईंट, बालू और अन्य सामग्री का ठेका मुखिया के बेटे ने ही लिया था। सवाल यह है कि अगर फार्म अवैध था या प्रदूषण फैला रहा था, तो अब तक चुप्पी क्यों साधी गई थी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बना फार्म

जानकारी के मुताबिक, इस फार्म से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। खासकर गांव की महिलाएं बड़ी संख्या में मशरूम उत्पादन से जुड़ी हुई हैं। यह फार्म ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।

जांच में प्रदूषण साबित नहीं

इस मामले को लेकर प्रशासन की कई टीमें जांच कर चुकी हैं, लेकिन किसी भी जांच में डैम को प्रदूषित करने की बात साबित नहीं हुई।

Road Construction Quality : 3 महीने में हाथ से उखड़ने लगी सड़क, 2.06 करोड़ की लागत पर उठ रहे सवाल

रिपोर्ट- केशरी नंदन तिवारी Road Construction Quality : कवर्धा जिले में प्रधानमंत्री…