ब्रेकिंग :⁣ सूरजपुर में तहसीलदारों की हड़ताल, प्रशासनिक कार्य ठप

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Breaking: Tehsildars on strike in Surajpur, administrative work halted

रिपोर्टर: आकाश कसेरा, सूरजपुर

हड़ताल की शुरुआत:

  • आज से सूरजपुर रंगमंच मैदान में तहसीलदार और नायब तहसीलदार 17 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। इस हड़ताल की घोषणा छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (तहसीलदार संघ) ने की थी।
  • संघ की चेतावनी के अनुरूप उन्होंने 26 जुलाई तक कोई ठोस पहल नहीं होने पर, 28 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की है।

स्कूल का पहला दिन: सूरजपुर में प्रतीकात्मक हड़ताल

  • जिला मुख्यालय पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों ने पहले दिन सांकेतिक हड़ताल की।
  • उन्होंने बताया कि मंगलवार को संभाग स्तरीय तथा बुधवार को रायपुर में प्रदेश स्तरीय धरने का आयोजन होगा, जिसमें संघ के पदाधिकारी शामिल होंगे।

17 सूत्रीय मांगों का विस्तृत अनुमान:

संघ द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे इस प्रकार हैं

  1. सभी तहसीलों में मान्य प्रमाणित स्टाफ जैसे कंप्यूटर ऑपरेटर, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, वाहन चालक आदि की नियुक्ति
  2. लोक सेवा गारंटी अधिनियम से राहत यदि पदस्थापना न हो सके
  3. डिप्टी कलेक्टर पद के लिए तहसीलदारों को 50:50 अनुपात से पदोन्नति
  4. नायब तहसीलदार को राजपत्रित करना
  5. ग्रेड-पे में सुधार
  6. शासकीय वाहन या वाहन भत्ता की व्यवस्था
  7. निलंबन मामलों को 15 दिनों में जांच और बहाली
  8. न्यायालयीन आदेशों में FIR न हो
    …साथ ही तकनीकी एवं सुरक्षा संसाधन, मोबाइल नंबर गोपनीयता, मुआवजा प्रावधान आदि शामिल हैं।

हड़ताल का प्रभाव: कार्य ठप, जनता परेशान

  • तहसील कार्यालयों में नामांतरण, बंटवारा, खसरा‑खतौनी, जाति‑आय‑निवास, सीमांकन, न्यायालयीन कार्य जैसे अनेक राजस्व-प्रक्रियाएं पूरी तरह से ठप रही।
  • दूरस्थ अंचलों से पहुंचने वाले लोग कार्यालय बंद मिलने से भारी असुविधा और परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

आगामी कार्यक्रम:

  • 29 जुलाई: संभागीय स्तर पर सामूहिक अवकाश और प्रदर्शन
  • 30 जुलाई: रायपुर में राजधानी स्तरीय धरणा प्रदर्शन
  • यदि सरकार ने कोई सकारात्मक पहल नहीं की, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।