BY: Yoganand Shrivastva
मथुरा | मथुरा में इस वर्ष हरियाली तीज का पर्व अपार श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। बांके बिहारी मंदिर में विशेष आयोजन किया गया, जहां भगवान बांके बिहारी को 10 किलो सोने और 1000 किलो चांदी से बने भव्य झूले पर विराजमान किया गया।
हरियाली तीज के पावन अवसर पर ठाकुर जी को हरे रंग की रत्नों से जड़ी, सुंदर और बेशकीमती पोशाक पहनाई गई। उनका रूप इतना अलौकिक और मोहक था कि भक्तों की आंखें थम सी गईं।
मंदिर में विशेष झांकी सजाई गई, जिसमें श्रृंगार, फूलों की सजावट और झूले की भव्यता देखते ही बनती थी। इस दौरान महिलाएं भजन गाकर भगवान को रिझाती रहीं, वहीं श्रद्धालु “ठाकुर जी की जय” के जयघोष करते रहे।
हरियाली तीज, जो कि सावन मास में मनाई जाती है, विशेष रूप से व्रती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन महिलाएं हरियाली के प्रतीक हरे वस्त्र पहनकर देवी-देवताओं की पूजा करती हैं और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
बांके बिहारी मंदिर में सावन के झूला उत्सव की यह परंपरा सदियों पुरानी है, जहां ठाकुर जी को सोने-चांदी के झूले में झुलाया जाता है। इस वर्ष झूला विशेष रूप से कलात्मक कारीगरी से सजाया गया था, जिसे देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।





