BY: Yoganand Shrivastva
भारत में वजन कम करने वाली दवाओं, विशेष रूप से GLP-1 वर्ग की दवाओं की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अब इस क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ एक बड़ा बाजार बन चुका है।
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कंपनियां भारत को लगभग 24 अरब डॉलर की संभावनाओं वाले बाजार के रूप में देख रही हैं। देश में मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज़ की बढ़ती समस्या के बीच यह दवाएं कई लोगों के लिए एक नई आशा बनकर उभर रही हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई पीढ़ी की दवाएं न सिर्फ वजन कम करने में सहायक हैं, बल्कि ये ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित करने में मदद करती हैं। इसके चलते भारत में मोटापा और मधुमेह से जूझ रहे लाखों मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद की जा रही है।





