Strait Of Hormuz: क्यों इस रास्ते को बंद करना दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है, भारत भी पड़ेगा चपेट में

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BY: Yoganand Shrivastva

नई दिल्ली, पश्चिम एशिया में ईरान और इज़रायल के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। अमेरिका के ईरान की तीन परमाणु साइट्स पर हमले के बाद अब ईरान भी आक्रामक रुख अपना चुका है। जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान ने अपने सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग — होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait Of Hormuz) — को बंद करने का निर्णय लिया है। ईरानी संसद इस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है और अब अंतिम निर्णय सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा लिया जाएगा।


होर्मुज जलडमरूमध्य क्या है?

होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरा समुद्री मार्ग है जो ईरान और ओमान के बीच स्थित है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और फिर अरब सागर से जोड़ता है। यह जलमार्ग दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग माना जाता है।

  • हर महीने यहां से करीब 3000 से अधिक तेल और गैस के टैंकर गुजरते हैं।
  • वैश्विक कच्चे तेल की खपत का करीब 20-26% हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता-जाता है।
  • अमेरिकी एनर्जी इनफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम ‘चोकपॉइंट’ है।

दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर देता है तो वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति में भारी बाधा उत्पन्न होगी। इसके कारण:

  • कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आ सकता है।
  • पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे और महंगाई बढ़ेगी।
  • वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट आ सकती है।
  • वैश्विक लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अस्थिरता पैदा होगी।

भारत पर इसका क्या असर होगा?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है।

  • भारत हर दिन लगभग 5.5 मिलियन बैरल तेल की खपत करता है।
  • इसमें से करीब 1.5 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन होर्मुज जलमार्ग से होकर आता है।
  • खाड़ी देशों — सऊदी अरब, यूएई, ईरान, कुवैत — से होने वाले अधिकांश आयात इसी रास्ते से होते हैं।

अगर यह रास्ता बंद होता है तो भारत में भी:

  • पेट्रोल और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं।
  • ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा।
  • महंगाई बढ़ेगी और विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ सकता है।

ईरान-इज़रायल संघर्ष की वर्तमान स्थिति

  • अमेरिका द्वारा ईरान की तीन न्यूक्लियर साइट्स पर हमले के बाद ईरान ने इज़रायल पर ‘खैबर’ मिसाइल से जवाबी हमला किया था।
  • अब इज़रायल ने भी पलटवार करते हुए ‘खोर्रमशहर-4 मिसाइल डिपो’ को निशाना बनाया है।
  • यज़्द इलाके में हुए इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।

ट्रंप का बयान

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने अमेरिकी सेना की कार्यवाही को “सटीक और शक्तिशाली” करार दिया।

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