VB-G RAM G Scheme : 10 फीसदी का इजाफा, 298.8 रुपये से बढ़कर राशि 327.4 रूपए प्रतिदिन हुई ,नई योजना की सबसे बड़ी ताकत कानूनी दायरा
VB-G RAM G Scheme : पूरे देश में VB-G RAM G योजना लागू हो गई है, इसके तहत औसत मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है. सरकार ने 300 रुपये की न्यूनतम मजदूरी दर तय की है यानी हर दिन औसतन 28.6 रुपये की बढ़ोतरी हुई है…और अब 100 की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी…सरकार की प्राथमिकता है, कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक दिन भी बिना काम के न रहे…. उन्होंने इसे विकसित भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया…ऐसे में करोड़ो मजदूरों के लिए VB-G RAM G योजना और मजदूरी में हुई बढ़ोत्तरी आने वाले समय में कितनी कारगर साबित होगी इसी पर विस्तार से करेंगे चर्चा उससे पहले देखिये ये रिपोर्ट |
VB-G RAM G Scheme : पूरे देश में VB-G RAM G योजना यानि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन लागू हो गई… केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के जमीन पर उतरते ही सालों से चली आ रही मनरेगी व्यवस्था से यह योजना काफी बेहतर नजर आ रही है…इसके तहत न केवल मजदूरों के हाथों में आने वाली रोज की दिहाड़ी बढ़ा दी गई है, बल्कि साल भर में मिलने वाले काम के दिनों की संख्या में भी इजाफा हुआ है…आइये देखते है योजना के माध्यम से मजदूरों को क्या क्या फायदा मिलेगा…
VB-G RAM G Scheme : देश के 21 राज्यों में मजदूरी को नई न्यूनतम सीमा यानी 300 रुपये तक पहुंचा दिया गया है…वही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी की पुरानी दरों में 15 से 25 फीसदी तक का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा…वहीं पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे बंपर बढ़ोतरी हुई है, जहां मजदूरी दरें लगभग 24.5 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं.. इस बदलाव से इन राज्यों के पिछड़े ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा| जिन राज्यों में पहले ही मजदूरी दर अधिक थी, वहां भी इस योजना के तहत बढ़ोतरी जारी रखी गई है. अब नई दरों के बाद हरियाणा में मजदूरों को 409, गोवा में 406, केरल में 401 और सिक्किम के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सबसे ज्यादा 450 रुपये प्रतिदिन की कमाई होगी. सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की भारी-भरकम अंतरिम राशि भी जारी कर दी है…
VB-G RAM G Scheme : बहरहाल मनरेगा और VB G RAM G योजना के प्रमुख अंतर को समझे को तो मनरेगा में ग्रामीण परिवारों को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी थी, जबकि VB-G RAM G में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। वित्तीय भागीदारी के लिहाज से मनरेगा में सामग्री और प्रशासनिक लागत का मुख्य बोझ केंद्र पर था। VB-G RAM G में 60:40 का रेशियो यानि (केंद्र और राज्य) की वित्तीय साझेदारी का नया ढांचा लागू किया गया है, मनरेगा एक ‘राहत-केंद्रित’ सुरक्षा योजना थी, वहीं VB-G RAM G को ‘संपत्ति-केंद्रित’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप स्थायी ग्रामीण बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस नई योजना में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल-आधारित कार्यस्थल निगरानी (GPS) और योजनाओं की पारदर्शी निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया गया है। जिसके जरिये करोड़ों मजदूरों के भविष्य को संवारने का जिम्मा अब सरकार का है | ऐसे में नई व्यवस्था और विपक्ष के वार के बीच सरकार कैसे इसे धरातल पर उतारेगी ये देखने वाली बात होगी |

