Sandipani Vidyalaya : भवनों का लोकार्पण, स्कूलों का युक्तियुक्तकरण, आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा
Sandipani Vidyalaya : सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना, सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ाना तथा प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। सरकार का दावा है कि यह पहल मध्यप्रदेश को समृद्ध, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सांदीपनि विद्यालय मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराना है। इन विद्यालयों को अत्याधुनिक भवन, स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक संसाधनों से सुसज्जित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में इन दिनों स्कूल चलो अभियान चल रहा है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान अधिकाधिक सांदीपनि विद्यालय भवनों को लोकार्पण एवं स्कूलों का युक्तियुक्तकरण कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को इसी सत्र में अधिकतम लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय प्रदेश का सबसे बड़ा उत्कृष्ट नवाचार है। स्कूल शिक्षा विभाग इसकी राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर ब्रांडिंग के लिए कार्य योजना तैयार करे। इस परियोजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान देना, विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बच्चों के बीच शैक्षणिक अवसरों की खाई को कम करना है। सांदीपनि विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण, तकनीक का उपयोग और समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।।

Sandipani Vidyalaya : सांदीपनि विद्यालय के लिए सरकार की प्रमुख पहल
अब आधुनिक शैक्षणिक मॉडल के रूप में संचालित सांदीपनि विद्यालयों में विद्यालय प्रमुखों और शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण, शैक्षणिक मॉनिटरिंग और डेटा आधारित मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। मध्य प्रदेश में 368 से अधिक सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से प्रदेश के 133 सांदीपनि विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। इन विद्यालयों में डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। छात्रों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। 4 किलोमीटर से दूर रहने वाले बच्चों के लिए बसों की सुविधा भी उपलब्ध है। प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को भी प्रवेश परीक्षा या मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए इंदौर के सांदीपनि विद्यालय को फिक्की अराइज अवॉर्ड तथा रतलाम के स्कूल को वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल अवॉर्ड भी मिला है। सांदीपनि विद्यालय योजना के लिए ₹3067 करोड़ का बड़ा बजट निर्धारित किया गया है तथा प्रत्येक विद्यालय पर औसतन 17–18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, साइंस लैब और खेल-कूद की सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। मेधावी छात्रों को लैपटॉप और स्कूटी जैसे पुरस्कार भी दिए जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भोपाल और रतलाम के सांदीपनि विद्यालयों ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की श्रेणी में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया है।
Sandipani Vidyalaya : मुख्यमंत्री ने दिए समयबद्ध लोकार्पण के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में निर्मित सांदीपनि विद्यालयों के नए भवनों का लोकार्पण ‘स्कूल चलें अभियान’ के दौरान ही कराया जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाओं के साथ हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ नए भवनों का लोकार्पण भी शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देगा। इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय में सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास और आकर्षण बढ़ेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिन सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, उनका लोकार्पण अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को समय पर बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।।

