E-Rickshaw App : मोबाइल ऐप से ई-रिक्शा बंद होने के दावों के बाद सरकार का बड़ा कदम
E-Rickshaw App : ई-रिक्शा को मोबाइल ऐप के जरिए बीच रास्ते में बंद किए जाने की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सूत्रों के मुताबिक, BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion नामक तीन ऐप्स को Google Play Store से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इन ऐप्स का कथित तौर पर बैटरी से चलने वाले वाहनों को रिमोट से बंद करने के लिए दुरुपयोग किया जा रहा था। सरकार का कहना है कि ऐसे अन्य संदिग्ध ऐप्स की भी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

E-Rickshaw App : सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आ रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि BAT-BMS ऐप के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को मोबाइल से बंद किया जा सकता है। इन घटनाओं के बाद साइबर सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। इसी को देखते हुए सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित ऐप्स को हटाने का फैसला लिया।
E-Rickshaw App : IT सचिव ने क्या कहा?
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने CII Cyber Security Summit के दौरान कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ ऐप्स सरकार के संज्ञान में आए थे, जिन्हें ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐप स्टोर कंपनियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसे नुकसानदायक ऐप्स आम लोगों की पहुंच में न रहें।
E-Rickshaw App : किन ऐप्स को हटाया गया?
सरकार के निर्देश के बाद जिन ऐप्स पर कार्रवाई की गई, उनमें शामिल हैं—
- BAT-BMS
- Lossigy
- Epoch-i-ion
E-Rickshaw App : इन ऐप्स का मूल उद्देश्य क्या था?
ये ऐप्स लंबे समय से Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध थे। इन्हें मूल रूप से लिथियम-आयन बैटरियों की मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट के लिए विकसित किया गया था। इनके जरिए बैटरी का वोल्टेज, तापमान, चार्जिंग स्टेटस और चार्ज साइकल जैसी जानकारियां देखी जा सकती थीं। साथ ही बैटरी के डिस्चार्ज फंक्शन को नियंत्रित करने की सुविधा भी दी गई थी।
E-Rickshaw App : कैसे किया गया कथित दुरुपयोग?
BAT-BMS जैसे ऐप ब्लूटूथ के जरिए लगभग 10 से 15 मीटर की दूरी तक बैटरी से कनेक्ट हो सकते हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने इसी सुविधा का गलत इस्तेमाल करते हुए पास से गुजर रहे ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे बीच रास्ते में बंद कर दिया। इससे चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
E-Rickshaw App : साइबर सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस पूरे मामले ने इंटरनेट से जुड़े इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार के अनधिकृत एक्सेस और साइबर हमले को रोका जा सके।
E-Rickshaw App : सरकार ने दिए सख्त निर्देश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे किसी भी सॉफ्टवेयर या ऐप को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने से पहले उसकी सुरक्षा और उपयोगिता की कड़ी जांच की जाएगी। MeitY भी ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि तकनीक का दुरुपयोग रोका जा सके।
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