Isa Ahmad
Kanker Nal Jal Yojana: करोड़ों की योजना अधूरी, कहीं सिर्फ पाइप तो कहीं बिना कनेक्शन के लगे नल
Kanker Nal Jal Yojana: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई नल-जल योजना कांकेर जिले के कई गांवों में अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। वर्ष 2021 में योजना के तहत गांव-गांव में पानी की टंकियां बनाई गईं और घरों तक पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी कई गांवों के लोगों को एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हुई।
Kanker Nal Jal Yojana: जानकारी के अनुसार कांकेर जिले के 1065 गांवों में इस योजना के तहत हर घर तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कई स्थानों पर केवल पाइपलाइन बिछाकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जबकि कुछ घरों में नल तो लगा दिए गए, लेकिन उनका कनेक्शन ही नहीं किया गया। कई गांवों में पानी की टंकियां बनकर तैयार हैं, लेकिन उनमें पानी पहुंचाने के लिए मोटर तक नहीं लगाई गई। ऐसे में पूरी योजना कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
Kanker Nal Jal Yojana: घोटा गांव के ग्रामीण आज भी झरने और हैंडपंप के सहारे, विभाग ने दो साल में काम पूरा करने का दावा किया
भानुप्रतापपुर विकासखंड के घोटा गांव की स्थिति इस योजना की वास्तविक तस्वीर बयां करती है। यहां कई घरों तक पाइपलाइन तो पहुंची है, लेकिन न तो नल से पानी आया और न ही नियमित जलापूर्ति शुरू हो सकी। कुछ घरों में नल का ढांचा लगा है, लेकिन कनेक्शन नहीं किया गया। वहीं जिन स्थानों पर कनेक्शन किया भी गया, वहां पानी की टंकी तक पानी नहीं पहुंचने के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
Kanker Nal Jal Yojana: ग्रामीणों का कहना है कि जब योजना शुरू हुई थी, तब उन्हें उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन आज भी उन्हें पीने के पानी के लिए आंगनबाड़ी के बोरवेल, तालाब और झरनों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनका आरोप है कि इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
Kanker Nal Jal Yojana: इस मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के 1065 गांवों में से 253 गांवों में हर घर तक नल से पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। शेष 812 गांवों में कार्य प्रगति पर है और अगले दो वर्षों के भीतर अधूरे कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने यह भी कहा है कि जिन एजेंसियों या ठेकेदारों ने लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए अनुबंध निरस्त किए जाएंगे।





