रिपोर्ट:-अबरार अहमद
Saharanpur District Hospital Fire Safety Mock Drill राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन के कड़े निर्देश पर सहारनपुर में भी अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) को लेकर सतर्कता अत्यधिक बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में जिला अस्पताल के महिला विंग (Women’s Wing) परिसर में अग्निशमन विभाग (Fire Department) द्वारा एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को आग से बचाव और आपातकालीन आपदा प्रबंधन (Emergency Disaster Management) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

Saharanpur District Hospital Fire Safety Mock Drill कर्मचारियों ने खुद चलाए फायर फाइटिंग उपकरण
Saharanpur District Hospital Fire Safety Mock Drill जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका (CMS) और अस्पताल के समस्त स्टाफ की मौजूदगी में यह अभ्यास कार्यक्रम संपन्न हुआ।

- लाइव ट्रेनिंग: मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों को परिसर में लगे फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) और अन्य सुरक्षा उपकरणों को खुद संचालित करके दिखाया गया, ताकि आपातकाल में वे बिना घबराए इनका सही इस्तेमाल कर सकें।
- मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: स्टाफ को सिखाया गया कि यदि अस्पताल जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर आग लगती है, तो बिना भगदड़ मचाए मरीजों को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए।
Saharanpur District Hospital Fire Safety Mock Drill हर 15 दिन में जांच और रिकॉर्ड मेंटेन करने के निर्देश
अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार जिले के सभी भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर लगातार निरीक्षण (Inspection) और मॉक ड्रिल अभियान चलाया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:
- कार्यशील स्थिति: अस्पताल परिसर में स्थापित सभी फायर सेफ्टी उपकरण हर वक्त शत-प्रतिशत वर्किंग कंडीशन (कार्यशील स्थिति) में होने चाहिए।
- नियमित ऑडिट: हर 15 दिन में सभी उपकरणों की बारीकी से तकनीकी जांच की जाए और उसका एक बाकायदा लिखित रिकॉर्ड (लॉग बुक) तैयार किया जाए।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों से किसी भी संभावित आगजनी की घटना के दौरान समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे, जिससे जनधन की बड़ी हानि को रोका जा सकेगा।





