,

Guna Jaganpur University Infrastructure Issue: 3 साल पहले बनी बिल्डिंग की खुली पोल: तात्या टोपे विश्वविद्यालय की खिड़कियों से अंदर भरा बारिश का पानी, तिरपाल के सहारे दस्तावेज बचाने की जुगत

- Advertisement -
Ad imageAd image
Guna Jaganpur University Infrastructure Issue

रिपोर्ट: विजय अहिरवार

Guna Jaganpur University Infrastructure Issue मध्य प्रदेश के गुना (जगनपुर) में स्थित क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय के अस्थाई परिसर में मॉनसून की पहली ही तेज बारिश ने लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों के दावों की हवा निकाल दी है। भवन निर्माण में बरती गई गंभीर तकनीकी लापरवाही के चलते इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़कियों से लगातार बारिश का पानी कमरों के भीतर घुस रहा है। इस जलभराव के कारण विश्वविद्यालय का स्टाफ, प्रोफेसर और छात्र बेहद परेशान हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि दफ्तर में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों और मूल्यवान सरकारी संपत्तियों को भीगने से बचाने के लिए प्रबंधन को खिड़कियों पर तिरपाल (Tarpaulin) बांधकर अस्थाई इंतजाम करना पड़ रहा है।

Guna Jaganpur University Infrastructure Issue महज 3 साल पहले बना था मॉडल साइंस कॉलेज का यह भवन

हैरानी की बात यह है कि क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय वर्तमान में जिस ‘मॉडल साइंस कॉलेज’ की नई इमारत में अस्थाई रूप से संचालित हो रहा है, वह कंक्रीट का ढांचा महज 3 साल पहले ही बनकर तैयार हुआ था। सिर्फ तीन साल के भीतर खिड़कियों से पानी का इस कदर रिसाव होना साफ दर्शाता है कि निर्माण कार्य के समय आर्किटेक्चरल और तकनीकी पहलुओं को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था। पानी भरने से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक में रखे छात्रों के जरूरी शैक्षणिक रिकॉर्ड और सरकारी कागजातों के पूरी तरह नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा है।

कुलगुरु डॉ. किशन यादव

Guna Jaganpur University Infrastructure Issue सिंगवासा में बनना है स्थाई परिसर

गौरतलब है कि क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय के खुद के स्थाई और भव्य परिसर के लिए गुना के सिंगवासा क्षेत्र में जमीन स्वीकृत की जा चुकी है, जहां आगामी समय में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होना तय हुआ है। लेकिन जब तक वह परिसर बनकर तैयार नहीं होता, तब तक मौजूदा स्टाफ को इसी जर्जर व्यवस्था के बीच काम करने को मजबूर होना पड़ेगा।

Guna Jaganpur University Infrastructure Issue कुलगुरु बोले— “तकनीकी कमी है, तिरपाल से कर रहे हैं बचाव”

इस पूरे मामले को लेकर जब विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. किशन यादव से बात की गई, तो उन्होंने भी माना कि भवन के निर्माण में कुछ तकनीकी खामियां (Technical Flaws) रह गई हैं, जिसके कारण पानी अंदर आ रहा है। उन्होंने कहा:

“भवन में तकनीकी कमी के चलते स्टाफ को परेशानी जरूर हो रही है। फिलहाल रिकॉर्ड रूम और महत्वपूर्ण कागजातों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर खिड़कियों को तिरपाल से ढका गया है ताकि पानी अंदर न आ सके।”

विश्वविद्यालय के छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने इस घटिया निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Read this: Firefighter Proposal : न्यूयॉर्क में ट्रेनी फायरफाइटर ने अनोखे अंदाज में किया शादी का प्रपोजल, साथी बने गवाह

Aravalli Illegal Mining Action : अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर कार्रवाई, वन विभाग की टीम को देख जेसीबी चालक फरार

रिपोर्ट: गुलशन कुमार Aravalli Illegal Mining Action : महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़

Migraine Causes: महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा क्यों होता है माइग्रेन? जानिए हार्मोन के अलावा ये कारण भी

Migraine Causes: माइग्रेन को अक्सर सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता

Job News: रेलवे में अप्रेंटिस के 3205 पदों पर भर्ती, 31 अगस्त तक करें आवेदन

Job News: रेलवे में अप्रेंटिसशिप करने का सपना देख रहे युवाओं के

Bhopal: महिला स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध सीएम डॉ. मोहन, जानें कैसे और मजबूत की टेक होम राशन व्यवस्था

Bhopal: मध्यप्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महिलाओं के स्वास्थ्य की

Imran Khan एक बार फिर पहुंचे अदियाला जेल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ था मेडिकल चेकअप

Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मेडिकल जांच के

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें 1. उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश

MP: Top 10

MP: मध्यप्रदेश की 10 बड़ी खबरें 1. इंदौर हत्याकांड में मासूम की