इंदौर में राजा रघुवंशी की हत्या ने न सिर्फ पुलिस को उलझा दिया है, बल्कि लोगों के मन में कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी के चेहरे पर पछतावे की झलक तक नहीं दिखी, जिससे यह मामला और भी रहस्यमयी बन गया है।
क्या सोनम ने वाकई सिर्फ प्रेम के लिए अपने पति की हत्या की या इसके पीछे कुछ और गहरे राज छिपे हैं? आइए जानते हैं इस केस से जुड़ी परतें जो धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
🧠 सोनम का मानसिक प्रोफाइल: एंटीसोशल पर्सनालिटी डिसऑर्डर का असर
“सोनम को हत्या के बाद भी कोई अफसोस नहीं था।” – मनोविश्लेषण
- गिरफ्तारी के बाद सोनम ने न रोया, न कोई पछतावा जताया।
- गाजीपुर के डिटेंशन सेंटर में वह सात घंटे तक आराम से सोती रही।
- मनोचिकित्सकों के मुताबिक, सोनम Antisocial Personality Disorder (ASPD) की शिकार हो सकती है।
ASPD के सामान्य लक्षण:
- अपराध के बाद भी गिल्ट न होना
- दूसरों की भावनाओं की अनदेखी करना
- अपने फायदे के लिए झूठ बोलना और हेरफेर करना
🧬 हत्या की वजह सिर्फ प्यार नहीं: परिवार से असहमति बनी गहरा कारण
💔 शादी का दबाव और नया प्रेमी
- सोनम की उम्र 26 हो गई थी, और परिवार की ओर से शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
- इस बीच उसने अपनी ही फर्म में काम करने वाले 5 साल छोटे राज कुशवाहा को प्रेमी बना लिया – वो भी सिर्फ 5 महीने पहले।
- खास बात यह कि भाई गोविंद के अनुसार, सोनम राज को राखी बांधती थी, और उसके फोन में उसका नाम दीदी के नाम से सेव था।
🧿 प्यार नहीं, नियंत्रण चाहिए था
- सोनम को ऐसा जीवनसाथी चाहिए था जो उसके फैसलों पर सवाल न करे।
- राज उसके कहे में रहने लगा, और यह वही संबंध था जिसकी वह तलाश में थी।
✍️ व्यक्तित्व की झलक: सोच के अनुसार चलने वाली महिला
🖋️ सोच का प्रतीक: बहती लहरों का टैटू
- सोनम कम पढ़ी-लिखी जरूर थी, पर इंदौर के बिजनेस को संभाल रही थी।
- डेढ़ साल पहले उसने एक टैटू बनवाया – “बहती लहरें” – जो संकेत देता है कि वह किसी बंधन में नहीं रहना चाहती थी।
- वह अपनी मर्जी से जीना चाहती थी, और परिवार या समाज के नियम उसे मंजूर नहीं थे।
🧨 राजा से शादी नहीं करनी थी, इसलिए रची साजिश?
- जब परिवार ने राजा रघुवंशी से रिश्ता पक्का किया, तो सोनम ने मां से कहा:
“तुम अपनी मर्जी से कर लो, फिर देखो मैं क्या करती हूं।” - यह बयान इस बात का संकेत था कि सोनम जिद्दी और नियंत्रित करने वाली प्रवृत्ति की थी।
🩺 क्लस्टर बी डिसऑर्डर: चरम फैसलों वाला व्यक्तित्व
“ASPD के शिकार लोग हर हाल में अपनी इच्छा पूरी करने की कोशिश करते हैं।” – डॉ. मनीष जैन
- सोनम की मानसिक स्थिति क्लस्टर बी पर्सनालिटी डिसऑर्डर में आती है।
- ये लोग भावनात्मक रूप से स्थिर नहीं होते, और जब उनकी बात न मानी जाए, तो वे चरम कदम उठाने से भी नहीं हिचकिचाते।
- शादी के खिलाफ जाकर पति की हत्या कर देना इसी मानसिक प्रवृत्ति का परिणाम था।
🔍 मनोचिकित्सकों की राय:
🧑⚕️ भास्कर प्रसाद, मानसिक रोग विशेषज्ञ:
“ASPD के शिकार लोग अपनी मर्जी के खिलाफ हुए फैसले को बर्दाश्त नहीं कर पाते और किसी भी हद तक जा सकते हैं। सोनम का केस इसी का उदाहरण है।”
🧑⚕️ मनीष जैन, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट:
“क्लस्टर बी डिसऑर्डर वाले लोग चाहे अच्छा करें या बुरा, उन्हें फर्क नहीं पड़ता। वे हर हाल में अपने फैसलों को अंजाम देना चाहते हैं।”
📌 निष्कर्ष: सोनम की कहानी है सिर्फ मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि मानसिक जाल
राजा रघुवंशी की हत्या सिर्फ एक प्रेम प्रसंग का नतीजा नहीं थी, बल्कि यह एक विकृत मानसिक सोच, असंतुलित भावनाओं और जिद्दी स्वभाव का संगम थी। सोनम जैसी स्थिति में पहुंचना किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए संभव नहीं, लेकिन जब मानसिक स्थिति बिगड़ी हो, तब इंसान कैसे अकल्पनीय कदम उठा सकता है – यह केस उसका स्पष्ट उदाहरण है।





