आईपीएल 2025 में पहली बार चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न दर्दनाक हादसे में बदल गया। बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 लोग घायल हो गए।
क्या हुआ था हादसे के दिन?
RCB की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने हजारों की संख्या में फैन्स स्टेडियम के बाहर जमा हुए थे।
भीड़ बेकाबू हो गई और एक बड़ी भगदड़ मच गई।
- फ्री पास की घोषणा के बाद वेबसाइट क्रैश हो गई।
- बिना पास वाले लोग भी स्टेडियम पहुंच गए।
- भारी भीड़ ने गेट नंबर 10, 12 और 13 पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
- पुलिस ने हालात संभालने के लिए लाठीचार्ज किया।
- हल्की बारिश और गेट बंद होने के बाद भगदड़ और तेज हो गई।
भयावह मंजर: चश्मदीदों की जुबानी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जो गिरा, वह उठ नहीं पाया।
भीड़ इतनी अधिक थी कि एम्बुलेंस तक पहुंचने में देर हुई। लोग घायल व्यक्तियों को सड़क पर ही CPR देने लगे।
एबीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार:
- मृतकों में 5 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं।
- सभी की उम्र 13 से 33 वर्ष के बीच थी।
- मौतें सिर, रीढ़ और पेट में गंभीर चोटों के कारण हुईं।
सोशल वर्कर ने दर्ज कराई शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने इस त्रासदी को लेकर कब्बन पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- यह हादसा सरकारी लापरवाही का नतीजा है।
- CM सिद्धारमैया, डिप्टी CM डीके शिवकुमार और क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
- IPC की धारा 106 के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री की सफाई, BJP का हमला
शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में CM सिद्धारमैया ने कहा:
“मैं इस घटना का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन देश में पहले भी बड़े हादसे हुए हैं, जैसे कुंभ मेले में 50-60 लोगों की जान गई। इसका मतलब यह नहीं कि हम जिम्मेदारी से बचें।”
वहीं, भाजपा ने मुख्यमंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
चार बिंदुओं में समझें: हादसे की वजहें
- फ्री पास की अफरा-तफरी:
RCB की वेबसाइट से पास लेने की प्रक्रिया में टेक्निकल दिक्कतें आईं। इससे लोग बिना पास के भी स्टेडियम पहुंच गए। - गेट्स पर तनाव:
गेट नंबर 10, 12 और 13 को भीड़ ने जबरन खोलने की कोशिश की, जिससे हालात बिगड़े। - पुलिस की तैयारी नाकाफी:
पुलिस ने गेट बंद किए और लाठीचार्ज किया। इससे भगदड़ मच गई। महिलाएं और बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए। - थकी हुई पुलिस फोर्स:
सरकार ने 5,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे, लेकिन भीड़ अधिक थी।
सूत्रों के अनुसार, कई पुलिसकर्मी लगातार 36 घंटे से ड्यूटी पर थे।
तस्वीरें जो सब कुछ कह देती हैं

- बेहोश बच्चे को कंधों पर उठाकर ले जाती पुलिस।
- घायल युवक को ऑटो से अस्पताल ले जाते लोग।

- जगह-जगह बिखरे चप्पल-जूते और खून के धब्बे।
हादसा नहीं, जिम्मेदारी की मांग
RCB की जीत को यादगार बनाने की कोशिश एक त्रासदी में बदल गई।
अब सवाल ये है — क्या इस हादसे की जिम्मेदारी तय होगी?
क्या सिर्फ माफी और बयानबाजी से बात खत्म हो जाएगी, या सिस्टम में कोई बदलाव भी आएगा?





