देश में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सतर्क करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने विशेष रूप से ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड्स, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया है। इसके अलावा, हर गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) केस की जीनोम जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि नए वेरिएंट्स की पहचान की जा सके।
कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र की नई एडवाइजरी
- ऑक्सीजन और मेडिकल सप्लाई की तैयारियां
राज्यों को कहा गया है कि ऑक्सीजन सप्लाई, वेंटिलेटर और आइसोलेशन बेड्स जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार रखें। - सर्विलांस सिस्टम मजबूत करें
गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के हर मामले की जीनोम सीक्वेंसिंग जरूरी की गई है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि वायरस का नया वेरिएंट कितना तेजी से फैल रहा है। - मॉक ड्रिल और अस्पतालों की समीक्षा
ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर मॉक ड्रिल पहले ही हो चुकी है और गुरुवार को भी एक मॉक ड्रिल निर्धारित है। अस्पतालों की तैयारियों की तकनीकी समीक्षा बैठकें भी चल रही हैं।
कोविड के ताजा आंकड़े (4 जून 2025 तक)
- भारत में कुल एक्टिव केस: 4,302
- बीते 24 घंटे में नए केस: 864
- दिल्ली में एक्टिव केस: 457
राज्यवार कोविड केस:
| राज्य | एक्टिव केस |
|---|---|
| केरल | 1,373 |
| महाराष्ट्र | 510 |
| गुजरात | 461 |
| कर्नाटक | 324 |
| तमिलनाडु | 216 |
| दिल्ली | 457 |
नए वेरिएंट्स पर नजर
देश में कोरोना वायरस के जीनोम जांच से पता चला है कि वर्तमान में संक्रमण के पीछे ओमिक्रोन के नए वेरिएंट्स जिम्मेदार हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- LF.7
- XFG
- JN.1
- NB.1.8.1
इनमें से LF.7, XFG और JN.1 से जुड़े केस सबसे ज्यादा हैं। सरकार इन्हीं पर विशेष निगरानी कर रही है।
आम जनता के लिए जरूरी सलाह
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। निम्नलिखित उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है:
- खांसी-बुखार हो तो सार्वजनिक स्थलों पर न जाएं।
- लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
- अफवाहों से दूर रहें और केवल स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट या PIB से पुष्टि करें।
- कोविड से बचाव के नियमों का पालन करते रहें।
भारत में कोविड-19 के मामलों में आई यह हल्की बढ़ोतरी एक चेतावनी है कि वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना और सावधानी बरतना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। जनता और प्रशासन दोनों की सक्रियता से ही इस संक्रमण की रफ्तार को रोका जा सकता है।





