अंतरिक्ष की ओर एक और बड़ी छलांग, लेकिन झटका भी उतना ही बड़ा
एलन मस्क की अंतरिक्ष एजेंसी स्पेसएक्स (SpaceX) को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। 27 मई 2025 को दुनिया के सबसे बड़े रॉकेट स्टारशिप (Starship) की नौवीं परीक्षण उड़ान टेक्सास से लॉन्च हुई थी, लेकिन ये मिशन एक बार फिर असफल रहा। उड़ान के दौरान यान ने नियंत्रण खो दिया और हिंद महासागर के ऊपर जाकर विस्फोट हो गया।
हालांकि इस विफलता के बावजूद, स्पेसएक्स ने इसे सीखने का मौका बताया है, जिससे आने वाले मिशनों की सफलता की राह आसान हो सकेगी।
क्या हुआ लॉन्च के दौरान?
- स्थान: बोका चिका, टेक्सास स्थित स्पेसएक्स का स्टारबेस लॉन्च पैड
- समय: स्थानीय समयानुसार शाम 6:36 बजे
- रॉकेट: सुपर हैवी बूस्टर के साथ स्टारशिप
- उद्देश्य: नकली स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाना और यान की क्षमता जांचना
शुरुआत में लॉन्च सफल नजर आया। रॉकेट ने उड़ान भरी, कक्षा तक पहुंचा और सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन फिर मिशन ने नाटकीय मोड़ ले लिया।
उड़ान में क्यों हुआ फेल?
स्पेसएक्स के अनुसार, परीक्षण उड़ान के दौरान निम्नलिखित समस्याएं सामने आईं:
- ईंधन टैंक में रिसाव:
उड़ान के करीब 30 मिनट बाद रॉकेट के ईंधन टैंक में लीकेज की पुष्टि हुई, जिससे यान ने ऊँचाई पर नियंत्रण खो दिया। - पेलोड बे का न खुलना:
यान के ऊपरी हिस्से में मौजूद पेलोड बे का दरवाज़ा पूरी तरह नहीं खुल पाया, जिससे नकली स्टारलिंक उपग्रहों की रिलीज रुक गई। - वायुमंडल में पुनः प्रवेश से पहले असंतुलन:
ऊपरी चरण का हिस्सा फ्यूल लीक के कारण अनियंत्रित होकर घूमने लगा, जिससे वह पृथ्वी के वातावरण में दोबारा प्रवेश से पहले ही टूट गया। - सुपर हैवी बूस्टर में ब्लास्ट:
रॉकेट का सबसे निचला और शक्तिशाली हिस्सा — सुपर हैवी बूस्टर — अपने निर्धारित स्प्लैशडाउन से पहले ही ब्लास्ट हो गया। फुटेज में रॉकेट के चारों ओर आग दिखी।
पिछली उड़ानों से कितनी अलग थी यह असफलता?
स्टारशिप की यह नौवीं टेस्ट फ्लाइट थी। इससे पहले की कुछ उड़ानों में भी यान कैरेबियन के ऊपर फट चुका है, जिससे हवाई यातायात पर असर पड़ा था।
हालांकि इस बार रॉकेट सफलतापूर्वक कक्षा तक पहुंचा, जो तकनीकी दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है।
स्पेसएक्स का आधिकारिक बयान
उड़ान के बाद स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर बयान जारी किया:
“जैसे कि उड़ान परीक्षण पर्याप्त रोमांचक नहीं था, स्टारशिप को एक तेज अनिर्धारित विघटन का सामना करना पड़ा। टीमें डेटा की समीक्षा करना जारी रखेंगी और हमारे अगले उड़ान परीक्षण की दिशा में काम करेंगी।”
स्पेसएक्स ने यह भी जोड़ा कि इस प्रकार के परीक्षणों से जो अनुभव मिलता है, वह भविष्य में रॉकेट की विश्वसनीयता बढ़ाने और कंपनी के लक्ष्य — मानवता को बहुग्रहीय (multiplanetary) बनाना — को पूरा करने में मदद करेगा।
क्या है स्टारशिप मिशन का भविष्य?
स्पेसएक्स के लिए हर परीक्षण एक सीख है:
- डेटा एनालिसिस के बाद किया जाएगा सुधार
- ईंधन टैंक व पेलोड सिस्टम को दोबारा डिज़ाइन किया जा सकता है
- अगले लॉन्च में सटीकता और कंट्रोलिंग सिस्टम को प्राथमिकता
एलन मस्क का सपना है कि इंसान एक दिन मंगल ग्रह तक पहुंचे। इस सपने के लिए स्टारशिप रॉकेट सबसे अहम कड़ी है।
हालांकि असफलताएं आ रही हैं, पर हर कदम उन्हें उनके लक्ष्य के और करीब ले जा रहा है।
असफलता नहीं, एक और सबक
हालांकि स्टारशिप की यह परीक्षण उड़ान विस्फोट के साथ समाप्त हुई, लेकिन यह मिशन भी कई मायनों में सफल रहा — खासकर डेटा संग्रह और तकनीकी समझ के लिहाज़ से। स्पेसएक्स जैसी कंपनियां बार-बार परीक्षण करके ही नई सीमाएं लांघ रही हैं।





