रायगढ़, छत्तीसगढ़: शहर के चक्रधर नगर स्थित कसेरपारा इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक बंद कमरे से बुजुर्ग दंपत्ति की लाश बरामद हुई। मृतकों की पहचान रिटायर्ड शिक्षक गोपाल नगायच और उनकी पत्नी सरस्वती नगायच के रूप में हुई है। तीन दिनों से घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे घटना के खुलासे में देरी हुई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दिनों से इलाके में दुर्गंध आ रही थी। पहले यह सोचा गया कि नाली में कचरा जमा हो गया होगा, लेकिन सोमवार दोपहर करीब 1 बजे जब मृतक के बेटे उमाकांत नगायच, जो कोलकाता में रहते हैं, ने फोन कर बताया कि उनके माता-पिता फोन नहीं उठा रहे हैं, तब शक और गहरा गया।
इसके बाद पड़ोसियों और मोहल्लेवालों ने दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। अंदर का नज़ारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए — बुजुर्ग गोपाल नगायच का शव ज़मीन पर पड़ा था, जबकि पत्नी सरस्वती नगायच की लाश बिस्तर पर पड़ी थी।
घटना की सूचना तुरंत चक्रधर नगर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि एक की मौत गिरने से हुई है, जबकि दूसरे की स्वाभाविक कारणों से। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
इस दुखद घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। बुजुर्ग दंपत्ति समाज में सम्मानित और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।





