BY: VIJAY NANDAN
नई दिल्ली: कभी भारत के खिलाफ जहर उगलने वाला पाकिस्तान, अब बगले झांकता नजर आ रहा है। कश्मीर से लेकर राजस्थान बॉर्डर तक भारत की सख्त रणनीति और सुरक्षा नीति ने पड़ोसी मुल्क की बोलती बंद कर दी है। LOC पर अब वह आक्रामकता नहीं दिखती जो कभी आम बात थी। सवाल ये है कि आखिर पाकिस्तान का रवैया अचानक इतना नर्म क्यों हो गया? क्या ये शांति की तरफ कदम है या फिर कोई नई साजिश की तैयारी? आइए, ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए जानते हैं ताजा हालात।

कश्मीर में शांति का असर दिखा रहा है
बीते कुछ वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में लिए गए बड़े फैसलों के बाद हालात में बड़ा बदलाव देखा गया है। धारा 370 हटने के बाद न सिर्फ विकास की रफ्तार तेज हुई, बल्कि आतंकी घटनाओं में भी भारी गिरावट आई है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद की कमर तोड़ दी है। अब पाकिस्तान की तरफ से संघर्षविराम के उल्लंघन की घटनाएं भी लगभग खत्म हो चुकी हैं।

राजस्थान बॉर्डर पर भी माहौल शांत
राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में भी पहले की तरह तनाव नहीं दिख रहा। BSF के सख्त पहरे और तकनीकी निगरानी ने घुसपैठ की कोशिशों को लगभग नामुमकिन बना दिया है। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पहले के मुकाबले अब हालात काफी बेहतर हैं। पाकिस्तान की तरफ से कोई भी ‘दिखावटी दोस्ती’ की कोशिश तुरंत बेनकाब हो रही है।
कूटनीति में भारत का दबदबा
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की नीतियों को जिस तरह बेनकाब किया है, उसका असर अब साफ दिख रहा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की निगरानी, विदेशी सहायता में कटौती और आंतरिक आर्थिक संकट के चलते पाकिस्तान को अब अपनी ही सीमा की सुरक्षा पर ध्यान देना पड़ रहा है। यही कारण है कि अब वह भारत से टकराने की बजाय चुप्पी साधे बैठा है।
क्या यह स्थायी बदलाव है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान की यह चुप्पी स्थायी नहीं बल्कि एक रणनीतिक ठहराव हो सकता है। आंतरिक उथल-पुथल और वैश्विक दबाव के चलते वह फिलहाल खुले तौर पर कोई दुस्साहस नहीं कर रहा। लेकिन भारत किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीमाओं पर सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और तकनीकी निगरानी पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुकी है।
कश्मीर से लेकर राजस्थान तक भारत की सीमाएं अब कहीं ज्यादा सुरक्षित और मजबूत हैं। पाकिस्तान भले ही अभी नरम रुख दिखा रहा हो, लेकिन भारत ने किसी भी खतरे से निपटने के लिए न केवल कूटनीतिक, बल्कि सैन्य स्तर पर भी खुद को पूरी तरह तैयार कर लिया है





