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पहलगाम आतंकी हमला: ज़िपलाइन पर झूलते पर्यटक ने सुनी ‘अल्लाहु अकबर’ की आवाज़, फिर…

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ऋषि भट्ट

पहलगाम के भीषण आतंकी हमले को एक हफ्ता बीत चुका है, जिसमें 26 लोगों (ज्यादातर पर्यटकों) की जान चली गई। पीड़ितों के परिवारों का आरोप है कि आतंकवादियों ने पहले उनके धर्म के बारे में पूछा, कुछ को कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और फिर गोली मार दी गई। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में गुजरात के एक पर्यटक को ज़िपलाइन का आनंद लेते देखा जा सकता है, जबकि नीचे जमीन पर आतंकी हमला हो रहा था।

“तीन बार ‘अल्लाहु अकबर’ बोला…”

अहमदाबाद के पर्यटक ऋषि भट्ट ने इस घटना को याद करते हुए बताया कि ज़िपलाइन ऑपरेटर ने हमले से ठीक पहले तीन बार “अल्लाहु अकबर” का नारा लगाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेटर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

भट्ट ने एएनआई को बताया,

“उस (ज़िपलाइन ऑपरेटर) ने तीन बार ‘अल्लाहु अकबर’ कहा, उसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। मुझे पता चला कि हमसे आगे चल रहे दो परिवारों के पुरुषों से उनके धर्म के बारे में पूछा गया और मेरी पत्नी और बेटे के सामने ही उन्हें गोली मार दी गई। मेरी पत्नी और बेटे चीख रहे थे। मैंने अपनी बेल्ट खोली, नीचे कूदा, अपने परिवार को लेकर भागने लगा। हमने देखा कि लोग एक गड्ढे जैसी जगह में छिपे हुए हैं, जहाँ से उन्हें आसानी से नहीं देखा जा सकता था। हम भी वहीं छिप गए। करीब 8-10 मिनट बाद जब फायरिंग थोड़ी कम हुई, तो हम मुख्य गेट की ओर भागे…”

“20 सेकंड तक पता ही नहीं चला…”

भट्ट ने बताया कि जब वह ज़िपलाइन पर थे, तभी फायरिंग शुरू हुई, लेकिन उन्हें करीब 20 सेकंड तक इसका एहसास नहीं हुआ।

“मुझे अचानक एहसास हुआ कि फायरिंग हो रही है और नीचे लोग मारे जा रहे हैं। मैंने 5-6 लोगों को गोली खाते देखा। करीब 20 सेकंड बाद मैं समझ पाया कि यह आतंकी हमला है… हमारे सामने ही 15-16 पर्यटकों को गोली मार दी गई।”

“स्थानीय लोग पहले ही भाग चुके थे…”

भट्ट ने बताया कि जैसे ही हमला शुरू हुआ, स्थानीय लोग वहाँ से भाग चुके थे। हालाँकि, भारतीय सेना ने मात्र 20-25 मिनट में पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया।

“जब हम गेट तक पहुँचे, तो देखा कि स्थानीय लोग पहले ही जा चुके थे। एक पोनी गाइड ने हमें वहाँ से दूर ले जाने में मदद की। थोड़ी दूर चलने के बाद हमें भारतीय सेना के जवान मिले, जिन्होंने सभी पर्यटकों को सुरक्षा दी… सेना ने पहलगाम को चंद मिनटों में कवर कर लिया। सेना की मौजूदगी से हमें सुरक्षा का एहसास हुआ… मैं भारतीय सेना का आभारी हूँ।”

उन्होंने यह भी बताया कि निचले इलाकों और जंगल में सेना की तैनाती थी, लेकिन मुख्य जगह पर कोई अधिकारी नहीं था।

ऋषि भट्ट

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • 26 लोगों की मौत, ज्यादातर हिंदू पर्यटक।
  • आरोप कि आतंकियों ने धर्म पूछकर हमला किया।
  • ज़िपलाइन ऑपरेटर ने “अल्लाहु अकबर” बोला, उसे हिरासत में लिया गया।
  • सेना ने 25 मिनट में पूरा इलाका सुरक्षित किया।

यह खबर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे इस हमले की भयावहता और सुरक्षा व्यवस्था में कमी पर सवाल उठ रहे हैं।