FDA ने छुपाया E. coli का खतरनाक प्रकोप: 15 राज्यों में फैला, 1 की मौत, जनता को क्यों नहीं बताया?

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
E. coli

क्या हुआ?
नवंबर 2024 में, अमेरिका के 15 राज्यों में E. coli बैक्टीरिया का एक खतरनाक प्रकोप फैला, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और दर्जनों लोग बीमार पड़े। हैरानी की बात यह है कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इसके बारे में जनता को कुछ नहीं बताया। यह जानकारी NBC की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।


कैसे शुरू हुआ मामला?

  • मिसौरी के सेंट लुइस काउंटी में नवंबर 2024 में E. coli 0157:H7 (एक जानलेवा स्ट्रेन) के मामले सामने आए।
  • 9 साल के एक बच्चे (इंडियाना) को किडनी फेलियर हो गया, वह बाल-बाल बचा।
  • 57 साल की एक महिला (मिसौरी) ने एक अंतिम संस्कार के बाद खाया और बीमार पड़ी।
  • 3 हाई स्कूल के छात्र एक ही इलाके में संक्रमित हुए, जिसके बाद 115 मामले सामने आए।

अंदरूनी जांच में पता चला:

  • रोमेन लेट्यूस (एक प्रकार का सलाद) इसका मुख्य स्रोत था।
  • FDA ने फरवरी 2025 में केस बंद किया, लेकिन कंपनी का नाम तक नहीं बताया

FDA ने क्यों छुपाया?

FDA का कहना है:

“जब तक हमें पता चला, तब तक प्रकोप खत्म हो चुका था। कोई उत्पाद बाजार में नहीं बचा था, इसलिए जनता को बताने का कोई फायदा नहीं था।”

लेकिन सवाल यह है:

  • अगर जल्दी जानकारी दी जाती, तो क्या लोग सावधान हो सकते थे?
  • क्या FDA ने कंपनी के हितों को लोगों की सुरक्षा से ऊपर रखा?

E. coli कितना खतरनाक हो सकता है?

  • लक्षण: खूनी दस्त, पेट में ऐंठन, गुर्दे खराब होना।
  • बच्चे और बुजुर्गों के लिए जानलेवा।
  • अमेरिका में हर साल 2.6 लाख लोग E. coli से संक्रमित होते हैं।

क्या भारत में ऐसा हो सकता है?

भारत में FSSAI (खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण) ऐसे मामलों में अलर्ट जारी करता है। लेकिन:

  • कई बार रिपोर्टिंग धीमी होती है।
  • स्ट्रीट फूड और अनियमित सप्लाई चेन में खतरा ज्यादा।

सलाह:

  • सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं।
  • कच्चे सलाद से बचें अगर स्रोत पर भरोसा न हो।

निष्कर्ष

FDA का यह फैसला पारदर्शिता के खिलाफ लगता है। अगर समय पर जानकारी दी जाती, तो शायद कई लोगों की जान बच सकती थी।

- Advertisement -
Ad imageAd image

Raipur Police: रायपुर में पुलिस का बड़ा चेकिंग अभियान, बीएसयूपी कॉलोनी के 300 से ज्यादा मकानों की हुई जांच

Raipur Police: 100 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने चलाया सघन सत्यापन अभियान

Madrasa Demolition: भिलाई में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर

Madrasa Demolition: अय्यप्पा नगर में निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई,

CG TOP 10: विकास परियोजनाओं से लेकर हाईकोर्ट के फैसले तक

1. CG TOP 10: जांजगीर-चांपा में 295 करोड़ के विकास कार्यों की