रिपोर्टर: चन्द्रभान साहू | स्थान: नरहरपुर (साईमुंडा)
नरहरपुर।
कांकेर जिले की अंतिम सीमावर्ती गांव साईमुंडा, जो कि सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र से सटा हुआ है, वहां बुधवार रात को तीन हाथियों के झुंड ने पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने ग्रामीण लालेश नेताम के खेतों में लगी रबी की धान की फसल को रौंद कर बर्बाद कर दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कम से कम तीन हाथियों का दल इन दिनों क्षेत्र में सक्रिय है, जो लगातार इधर-उधर घूमते हुए खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बुधवार की रात को यह दल सीधा साईमुंडा गांव में घुस आया और लहलहाती फसलों को चट कर दिया।
ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल
इस घटना के बाद से क्षेत्र के किसान बेहद चिंतित और भयभीत हैं। उन्हें फसलों के साथ-साथ अपनी जान-माल की भी चिंता सताने लगी है। खेतों के पास बसे कई ग्रामीणों ने रातभर जागकर निगरानी की, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
वन विभाग ने की मुनादी, सतर्क रहने की अपील
साईमुंडा बीट के वनरक्षक विजय नेताम ने जानकारी देते हुए बताया कि हाथियों की मौजूदगी की पुष्टि के बाद गांव में मुनादी कराई जा रही है और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और रात में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
पिछले साल भी मचाया था भारी नुकसान
गौरतलब है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में भी 10 हाथियों के झुंड ने साईमुंडा गांव में भारी तबाही मचाई थी। तब इन हाथियों ने किसानों की फसलों को तहस-नहस करने के साथ खेतों में लगे सोलर पंप उखाड़ फेंके थे, और एक किसान के खेत में बने मकान को भी पूरी तरह उजाड़ दिया था।
वन विभाग की सक्रियता के बावजूद हर साल दोहराई जा रही यह स्थिति, ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। किसान सरकार से मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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