BY
Yoganand Shrivastava
Hajipur बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव में एक शादी समारोह अखाड़े में तब्दील हो गया। जयमाला के बाद बारातियों और लड़की पक्ष के बीच हुए हिंसक विवाद के कारण न केवल दर्जनों लोग घायल हुए, बल्कि शादी भी टूट गई। नौबत यहाँ तक आ गई कि दुल्हन ने मंडप छोड़ दिया और दूल्हे को बिना पत्नी के ही वापस लौटना पड़ा।
Hajipur विवाद की जड़: दुल्हन के कमरे में जबरन प्रवेश
घटनाक्रम के अनुसार, जन्दाहा से बारात कुतुबपुर पहुंची थी। जयमाला की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन असली विवाद तब शुरू हुआ जब बारात पक्ष के कुछ उत्साही युवक दुल्हन का चेहरा देखने की जिद पर अड़ गए। आरोप है कि ये युवक जबरन उस कमरे में घुस गए जहाँ दुल्हन बैठी थी। लड़की पक्ष ने जब इसका कड़ा विरोध किया और उन्हें बाहर निकाला, तो बात गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट तक पहुँच गई।
Hajipur रणक्षेत्र बना शादी का पंडाल, गाड़ियों में तोड़फोड़
विवाद बढ़ते ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते शादी के पंडाल में रखी कुर्सियां, लाठी और डंडे चलने लगे। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के दर्जनों लोग लहूलुहान हो गए। उपद्रवियों ने बारातियों की बोलेरो, अर्टिगा और स्कॉर्पियो जैसी कई लग्जरी गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर कर दिए। पूरे गाँव में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
Hajipur दुल्हन का दो टूक फैसला: ‘ऐसे घर नहीं जाऊंगी’
हंगामे की सूचना पर बिदुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और मामला शांत कराया। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई जहाँ घंटों तक समझौते की कोशिशें चलीं। लेकिन इसी बीच दूल्हे ने कथित तौर पर दुल्हन को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर दीं। दूल्हे के इस व्यवहार और बारातियों की बदतमीजी से आहत होकर दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। अंततः, बिना फेरों और बिना दुल्हन के ही बारात को वापस जाना पड़ा।
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