Iran US: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बावजूद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। खासतौर पर ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों की वापसी और भविष्य में सैन्य कार्रवाई न होने की गारंटी ऐसे विषय हैं, जिन पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।
ईरानी नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संभावित समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका इन प्रमुख मांगों पर कितना सकारात्मक रुख अपनाता है।
Iran US: 24 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति पर जोर
ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के करीबी और सैन्य मामलों के जानकार मोहसिन रेजाई ने हालिया बातचीत में कहा कि अमेरिका के साथ विश्वास बहाली के लिए ईरान की जब्त की गई संपत्तियों को जारी करना बेहद जरूरी है।
उनका कहना है कि लगभग 24 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति ईरान का वैध धन है और इसे वापस किया जाना चाहिए। रेजाई ने संकेत दिया कि यह मुद्दा दोनों देशों के बीच किसी भी समझौते का केंद्रीय बिंदु बना हुआ है।
Iran US: बातचीत में गतिरोध के लिए अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि मौजूदा समय में वार्ता की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। उनके अनुसार, बातचीत में रुकावट की वजह ईरान नहीं बल्कि अमेरिकी पक्ष है।
उन्होंने कहा कि आगे का रास्ता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी प्रशासन गतिरोध को दूर करने के लिए कौन से कदम उठाता है। रेजाई के मुताबिक अब आगे की दिशा तय करने की जिम्मेदारी वाशिंगटन पर है।
Iran US: चरणबद्ध तरीके से संपत्ति जारी करने का सुझाव
ईरानी पक्ष की ओर से यह भी सुझाव दिया गया है कि यदि समझौता आगे बढ़ता है तो फ्रीज फंड का एक हिस्सा तुरंत जारी किया जाए और शेष राशि बाद के चरणों में उपलब्ध कराई जाए।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच विश्वास निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
Iran US: सैन्य कार्रवाई की स्थिति में दी चेतावनी
रेजाई ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का सैन्य संघर्ष दोबारा शुरू होता है तो उसका असर केवल मौजूदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल युद्ध दोबारा शुरू होने की संभावना कम दिखाई देती है और कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश अभी भी बनी हुई है।
Iran US: होर्मुज जलडमरूमध्य पर दोहराया ईरान का रुख
बातचीत के दौरान रेजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरान की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के प्रबंधन में ईरान और ओमान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने यह भी कहा कि जहाजों से लिए जाने वाले शुल्क को टोल के बजाय रखरखाव और प्रबंधन से जुड़ी फीस के रूप में देखा जाना चाहिए। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है।
Iran US: ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की संभावित मुलाकात पर प्रतिक्रिया
हाल के दिनों में अमेरिकी राजनीति में यह चर्चा भी रही कि भविष्य में दोनों पक्षों के शीर्ष नेताओं के बीच मुलाकात संभव हो सकती है। हालांकि रेजाई ने ऐसी संभावनाओं को लेकर कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया।
उन्होंने इस विषय पर विस्तार से टिप्पणी करने से परहेज किया और ईरानी नेतृत्व से जुड़े अन्य सवालों का भी सीमित जवाब दिया।
Iran US: कौन हैं मोहसिन रेजाई?
मोहसिन रेजाई ईरान की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। वे ईरान-इराक युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और बाद में देश की रणनीतिक एवं सलाहकार संस्थाओं से जुड़े रहे।
उन्होंने कई बार राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ा है। इसके अलावा वे पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मामलों में उनकी राय को ईरान में गंभीरता से लिया जाता है।
Iran US: क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर बनी हुई है नजर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। मध्य पूर्व की स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से यह बातचीत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष प्रमुख विवादित मुद्दों पर सहमति बनाने में सफल होते हैं तो इससे क्षेत्रीय तनाव कम हो सकता है। वहीं वार्ता विफल रहने की स्थिति में भू-राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।





