Report: Santosh Saravgee
Dabra Sindh River Illegal Sand Mining ग्वालियर जिले के डबरा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में जीवनदायिनी सिंध नदी इन दिनों रेत माफियाओं के चंगुल में कराह रही है। शासन-प्रशासन के तमाम दावों और कागजी मुस्तैदी को धता बताते हुए सिंध नदी के तटों पर दिन-रात अवैध उत्खनन का खेल जारी है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा काला कारोबार स्थानीय पुलिस, राजस्व अमले और खनिज विभाग की कथित मिलीभगत और ‘मासिक संरक्षण’ के दम पर फल-फूल रहा है। माफियाओं की इस भूख ने नदी के स्वरूप को तो बिगाड़ा ही है, साथ ही मासूम बच्चों के लिए मौत का जाल भी बुन दिया है।
Dabra Sindh River Illegal Sand Mining मौत का कुआं बनी सिंध नदी: गर्मियों में नहाने जाने वाले बच्चे हो रहे हादसे का शिकार
डबरा के पिछोर क्षेत्र से सटे सिंध नदी के तटीय गांवों— कैथौद, बाबूपुर, लिधौरा और कंरा के बाशिंदों का दर्द अब गुस्से में बदल चुका है। ग्रामीणों ने बेहद चिंता और सजल आंखों से बताया कि रेत माफियाओं ने नदी के भीतर भारी-भरकम मशीनों और पनडुब्बियों के जरिए इतने गहरे कुएं और खाइयां बना दी हैं कि अब नदी किनारे जाना भी साक्षात मौत को आमंत्रण देने जैसा है।
भीषण गर्मी के इस मौसम में जब गांवों के मासूम बच्चे राहत पाने के लिए नदी की ओर रुख करते हैं, तो वे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते। इन कृत्रिम और जानलेवा गड्ढों में फंसकर कई बच्चे असमय ही काल के गाल में समा चुके हैं। जिन घाटों पर ग्रामीण सदियों से निस्तार (नहाना-धोना) करते आ रहे थे, आज वहां पैर रखना भी दुश्वार हो चुका है।
Dabra Sindh River Illegal Sand Mining कागजी कार्रवाई की हकीकत: पनडुब्बी तोड़ने का दावा, जमीनी हकीकत ढाक के तीन पात
इस पूरे मामले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में है। ऊपरी स्तर पर शासन और वरिष्ठ अधिकारी लगातार यह दलील देते हैं कि रेत माफियाओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। समय-समय पर नदी में उतारी गई अवैध पनडुब्बियों को जब्त करने और उन्हें नष्ट करने की तस्वीरें भी जारी होती हैं।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज कार्रवाई होती है और अगले ही दिन उसी जगह पर दुगनी रफ़्तार से अवैध खनन शुरू हो जाता है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि डबरा तहसील के अंतर्गत आने वाले अधिकांश रेत घाट पूरी तरह अवैध (चोरी-छिपे) तरीके से संचालित हो रहे हैं, जिन्हें बंद कराने में स्थानीय अमला पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
Dabra Sindh River Illegal Sand Mining पुलिस, तहसीलदार और माइनिंग अमले की मिलीभगत के आरोप
क्षेत्र में चर्चा है कि बिना ‘निचली कड़ियों’ को साधे इतने बड़े पैमाने पर भारी वाहनों (ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों) का बेखौफ निकलना मुमकिन नहीं है। पुलिस प्रशासन, तहसील कार्यालय और माइनिंग विभाग के कुछ नुमाइंदों की संलिप्तता के चलते ही माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीण अब इस मामले में मुख्यमंत्री और ग्वालियर कलेक्टर से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि सिंध नदी के वजूद को बचाया जा सके और बेकसूर ग्रामीणों व बच्चों की जान सुरक्षित रह सके।





