Report: Arvind Chouhan
Gwalior Jewelers Fraud Case ग्वालियर की कोतवाली थाना पुलिस ने सराफा बाजार में ग्राहकों के भरोसे का कत्ल कर लाखों रुपये के सोने के जेवर हड़पकर फरार होने वाले मुख्य आरोपी ज्वेलर्स और उसके सगे भाई को उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के पास से धोखाधड़ी कर हड़पे गए शत-प्रतिशत जेवर भी बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ हॉलमार्किंग के नाम पर सेंधमारी करने और धोखाधड़ी (Cheating Case) का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वे लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे।

Gwalior Jewelers Fraud Case हॉलमार्किंग के नाम पर रची साजिश, ऐसे उड़ गए पीड़ित के होश
पूरा मामला एक शातिर और योजनाबद्ध ठगी से जुड़ा है। दरअसल, महाराजपुरा के रहने वाले मानसिंह गुर्जर ने अपने बेटे की शादी के लिए बीते 16 फरवरी 2026 को डीडी नगर स्थित ‘वैष्णो ज्वेलर्स’ से लगभग 64 तोला सोने के आभूषण खरीदे थे। उस समय शादी की जल्दबाजी का हवाला देकर ज्वेलर्स संचालक सचिन सोनी ने बिना पक्के बिल और बिना हॉलमार्क के ही जेवर थमा दिए थे। साथ ही पीड़ित को आश्वस्त किया था कि वे शादी के बाद तसल्ली से इसकी हॉलमार्किंग कराकर पक्का बिल दे देंगे।
शादी संपन्न होने के बाद, आगामी 25 मई को मानसिंह गुर्जर अपने परिवार के साथ जेवरों की हॉलमार्किंग कराने के लिए सराफा बाजार स्थित ‘अमोला हॉलमार्क सेंटर’ पहुंचे। वहां सेंटर के कर्मचारियों ने सर्वर डाउन होने का बहाना बनाया और जेवर जमा रखकर एक कच्ची पर्ची थमा दी और तीन-चार दिन बाद आने को कहा। जब 29 मई को पीड़ित वापस सेंटर पहुंचा, तो कर्मचारियों के खुलासे ने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। कर्मचारियों ने बताया कि जेवर जमा होने के महज एक घंटे बाद ही ज्वेलर्स सचिन सोनी आया और सारे जेवर वापस समेटकर रफूचक्कर हो गया।
Gwalior Jewelers Fraud Case ऋषिकेश भागने की फिराक में थे आरोपी, मेरठ में पुलिस ने दबोचा
Gwalior Jewelers Fraud Case जब पीड़ित ने आरोपी सचिन सोनी की काफी तलाश की और उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो थक-हारकर मामले की लिखित शिकायत कोतवाली पुलिस से की गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज की और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया।

तफ्तीश के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि मुख्य आरोपी सचिन सोनी अपने भाई नितिन सोनी के साथ मेरठ (उत्तर प्रदेश) में ठिकाना बदले हुए है। पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत मेरठ में दबिश दी। दोनों भाई वहां से अपनी कार में सवार होकर ऋषिकेश (उत्तराखंड) भागने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले कि वे प्रांतीय सीमा लांघ पाते, ग्वालियर पुलिस की घेराबंदी ने उन्हें धर दबोचा।
Gwalior Jewelers Fraud Case 80 लाख के जेवर बरामद, अन्य वारदातों की भी आशंका
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के कब्जे से ठगा गया पूरा माल, यानी करीब 80 लाख रुपये की अंतरराष्ट्रीय व बाजार कीमत वाले 64 तोला सोने के जेवर बरामद कर लिए हैं। कोतवाली पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इन शातिर भाइयों ने शहर के कुछ अन्य सीधे-साधे ग्राहकों को भी हॉलमार्किंग और पक्के बिल के नाम पर अपनी ठगी का शिकार बनाया होगा, जिसका खुलासा जल्द होने की उम्मीद है।





