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भोपाल: राजधानी में अफसरी रसूख का खुला खेल, फर्जी केस बना कर पत्रकार को जेल भेजा

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Bhopal: Dharna against the arrest of journalist: Police arrested journalist Kuldeep Singoria

मुख्यमंत्री डॉ. यादव तक पहुंची शिकायत, कटारा हिल्स थाने के खिलाफ होगी जांच ?

BY:Vijay Nandan

भोपाल: प्रदेश की राजधानी में एक पत्रकार की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह कोशिश इस हद तक बढ़ गई कि पत्रकार के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर उसे रातोंरात जेल भेज दिया गया। अब इस पत्रकार के खिलाफ भोपाल का पूरा मीडिया एकजुट हो गया है। कहा जाता है कि इस पत्रकार की तीखी खबरों से डरकर उसकी आवाज को कानून के डर से दबाने की कोशिश की जा रही है।

स्थान: काटारा थाना, पत्रकारों के साथ बीजेपी मीडिया प्रभारी धरने पर बैठे

बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल पत्रकारों के साथ धरने में शामिल हुए

भोपाल में वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप सिंह सिंगोरिया के खिलाफ 24 मार्च की रात झूठे मामले में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के विरोध में कई पत्रकार कटारा हिल्स थाने में धरने पर बैठ गए हैं। पत्रकारों की मांग है कि सिंगोरिया के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले की जानकारी मिलने पर प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के साथ थाने पहुंचे। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भोपाल के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस बीच, पुलिस ने सिंगोरिया को जेल भेज दिया है, और वे अब इस मामले को लेकर जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील कर रहे हैं। यह मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक भी पहुंच चुका है।

पत्रकारों का आरोप: बिना सबूत के गिरफ्तारी

धरने पर बैठे पत्रकारों का कहना है कि कुलदीप सिंगोरिया को सोमवार की आधी रात गिरफ्तार किया गया। जिस गाड़ी से आरोपित हादसा हुआ, वह कुलदीप की नहीं थी और वह उस समय घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे। पुलिस ने कुलदीप को गिरफ्तार करते समय उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और न तो परिवार को सूचित किया और न ही दोस्तों को।

Bhopal: Dharna against the arrest of journalist: Police arrested journalist Kuldeep Singoria

फर्जी मुकदमा और गिरफ्तारी का तरीका

असल में, फरियादी शेख अकील ने कटारा हिल्स थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि 20 मार्च को वह अपनी गाड़ी से एम्स अस्पताल से बागसेवनिया जा रहा था, और उसका दोस्त फैजान एक्टिवा पर सवार था। इसी दौरान, एक सफेद बोलेरो ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी और वहां से 5-6 लोग उतरे, जिन्होंने शेख अकील को गालियाँ दीं, मारपीट की और 50 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद, उन्होंने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो जान से मार देंगे। शेख अकील किसी तरह वहां से भाग निकला और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पत्रकार कुलदीप सिंगोरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, एफआईआर में कुलदीप सिंगोरिया का नाम नहीं था, बल्कि कुलदीप सिसौदिया और उसके साथी का नाम था। कुलदीप सिंगोरिया अपनी निर्भीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं, और हाल ही में उन्होंने नर्मदापुरम जिले में खाद के लिए परेशान हो रहे किसानों की खबर प्रकाशित की थी। इस खबर से कलेक्टर सोनिया मीणा नाराज हो गई थीं। इसके अलावा, उन्होंने हाल में सबकी खबर यूट्यूब चैनल को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें प्रशासनिक हल्कों में हलचल मच गई थी। कुलदीप ने अधिकारियों की पदोन्नति और नियुक्तियों में हो रहे फर्जीवाड़े का खुलासा किया था।

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कटारा हिल्स थाना प्रभारी पर नए आरोप

भोपाल के कटारा हिल्स थाना प्रभारी पर एक और विवादित कार्रवाई का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक मोबाइल टावर कंपनी के समर्थन में सोसाइटी के निवासियों पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की कोशिश की थी। सोसाइटी के विरोध और मामले के कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद थाना प्रभारी टॉवर लगाने का समर्थन कर रहे थे। जब सोसाइटी ने विरोध तेज किया, तो ये मामला और भी विवादित हो गया।

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