उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस दौरान सरकार ने सेवा, सुशासन और समर्पण की नीति अपनाते हुए कई अहम फैसले लिए, जिनका असर राज्य की जनता पर पड़ा।
मुख्य उपलब्धियां
- समान नागरिक संहिता (UCC) – उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना।
- महिला सशक्तिकरण – महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण दिया गया।
- सशक्त भू-कानून – भूमि के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लाया गया।
- धर्मांतरण विरोधी कानून – जबरन धर्म परिवर्तन पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान किए गए।
- नकल विरोधी कानून – परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए।
- दंगा रोधी कानून – सरकारी और निजी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए गए।
- आंदोलनकारियों का सम्मान – राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण दिया गया।
भविष्य की योजनाएं
धामी सरकार ने विकास की गति तेज करने और उत्तराखंड को एक मॉडल राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।





