BY: Vijay Nandan
बजट में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं
- लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 12 हजार 32 करोड़ का निवेश किया गया है। इसके लिए इस बार 18 हजार 669 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों को पीएम अटल पेंशन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना से जोड़ा जाएगा।
- आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए 3 हजार 729 करोड़ का प्रावधान।
- श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता, छात्राओं को साइकिल, मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के लिए 26 हजार 797 करोड़ का प्रावधान।
6 वर्षों में जेण्डर बजट का आकार दोगुना हुआ है। जेण्डर बजट में 31 विभागों को ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम सम्मिलित है, जिसमें बजट प्रावधान का शत प्रतिशत महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए है। - मोहन यादव सरकार ने 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ का बजट पेश किया है। इनमें से महिला बाल विकास विभाग को 44,826 करोड़ मिले हैं।
BUDGET HIGHLIGHTS
1. मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट 2025-2026 का प्रस्तुतीकरण हमारी सरकार का दृढ़ लक्ष्य है विकसित मध्यप्रदेश प्रदेश में श्रेष्ठतम अधोसंरचना का विस्तार हो, जनता का जीवन खुशहाल हो, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हों, महिलाओं में आत्म गौरव के भाव बनें, सामुदायिक सौहार्द में वृद्धि हो, मुझे यह अवगत कराते हुए गर्व है कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है: उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
2.माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ने भी प्रदेश के लिए विकसित मध्यप्रदेश 2047 का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। हमारा लक्ष्य है वर्ष 2047 तक राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाकर दो सौ पचास लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाना है: उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
3. हमने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट जीरो वेस्ट बजटिंग प्रक्रिया से तैयार किया है। इसके माध्यम से बजट में प्रावधानित राशि सही योजना में, सही आकार में और सही परिणाम प्राप्त करने में सहायक रहेगी: उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
4. हमारी सरकार का दृढ़ लक्ष्य है विकसित मध्यप्रदेश प्रदेश में श्रेष्ठतम अधोसंरचना का विस्तार हो, जनता का जीवन खुशहाल हो, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की हों, महिलाओं में आत्म गौरव के भाव बनें, सामुदायिक सौहार्द में वृद्धि हो, मुझे यह अवगत कराते हुए गर्व है कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है: उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
5. ‘एक जिला एक उत्पाद’ के माध्यम से मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले के परंपरागत कौशल और उत्पादों को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और व्यवसायिक स्वरूप दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है: उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
6. मध्यप्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में निरंतर वृद्धि वर्ष 2003-04 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद ₹1 लाख 1 हजार 27 करोड़ था, जो वर्ष 2025-26 में ₹16 लाख 94 हजार 477 करोड़ अनुमानित है, अर्थात पिछले 22 वर्षों में इसमें लगभग 17 गुना की वृद्धि हुई है: उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा

7. हमारी सरकार प्रदेश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास कर रही है। सुशासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया कि प्रत्येक जिले में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा : उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा
8. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना अंतर्गत प्रदेश में 1 करोड़ 33 लाख परिवारों को नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
9. युवा कल्याण के लिए मध्यप्रदेश में “स्वामी विवेकानंद युवा-शक्ति मिशन” प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं की विशिष्ट क्षमताओं का संवर्धन तथा दक्षता उन्नयन किया जायेगा। यह मिशन हमारी सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है.
10.हमारा प्रदेश जनजातीय बहुल प्रदेश है, इसलिए हमारी सरकार का सतत प्रयास है कि जनजातीय समुदाय अपनी भाषा, साहित्य, संस्कृति, उत्सव एवं परंपराओं को संरक्षित रखते हुए प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार बने।
11. हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 को ”उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। साथ ही हमारी सरकार प्रदेश के बहुमुखी विकास के लिए उपलब्ध संसाधनों का इष्टतम निवेश करती आ रही है। इसके परिणाम निकट भविष्य में और अधिक स्पष्ट व प्रभावी रूप से परिलक्षित होने लगेंगे।
12. वित्त वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जनजाति संस्कृति का संवर्धन, अनुसंधान एवं विकास योजना के अंतर्गत ₹15 करोड़, विशेष पिछड़ी जनजातियों का विकास योजना के अंतर्गत ₹ 100 करोड़, छात्रवृत्तियों के अंतर्गत ₹ 803 करोड़ तथा सी.एम. राइज विद्यालयों हेतु ₹1 हजार 617 करोड़ के प्रावधान प्रस्तावित हैं.
13. प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सी. एम. राइज के अंतर्गत ₹3068 करोड़ के बजट का प्रावधान प्रस्तावित है।
14. मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा आर्थिक एवं सामाजिक विकास में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के हित में ”मुख्यमंत्री डेयरी विकास योजना” प्रारम्भ की गई है, जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन व प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ अनुबंध की स्वीकृति दी गई है।

15. सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान अंतर्गत ₹694 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
16. मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है तथा इस क्षेत्र में निजी भागीदारी भी बढ़ रही है। मछली उत्पादन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने हेतु “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना” में ₹105 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। “मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना” में ₹145 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है, जो गत वर्ष से ₹100 करोड़ अधिक है.
19. ”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” के सूत्र वाक्या को हमारी सरकार ने प्रेरणा के रूप में लिया है। हमारी सरकार द्वारा नारी कल्याण से संबंधित प्रमुख योजनाएं, जैसे गर्भधारण पर देखभाल, प्रसव पर आर्थिक सहायता, लाड़ली लक्ष्मी, शैशवकाल के लिए आंगनबाड़ियां, नि:शुल्क शिक्षा व अन्य शैक्षणिक सुविधाएं, उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन, जीविका उपार्जन एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए स्व-रोजगार व शासकीय सेवाओं में आरक्षण, विवाह तथा निकाह योजना, आवास योजनाओं का लाभ, स्थायी संपत्तियों के क्रय पर पंजीकरण शुल्क में विशेष छूट, लाड़ली बहना योजना व विभिन्न पेंशन योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।
20. स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की ग्राम स्तरीय सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, प्रभावी अनुश्रवण एवं हितग्राहियों को एक ही स्थान से विभिन्न सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “स्वास्थ्य एवं आंगनवाड़ी सेवाओं हेतु एकीकृत अधोसंरचना” योजना प्रारम्भ की जा रही है। योजना अंतर्गत यथासंभव उप स्वास्थ्य केंद्र एवं आँगनबाड़ी केन्द्रों का संयुक्त भवन तैयार किया जाएगा। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान के तहत प्रदेश के 20 जिलों में 217 आँगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2025- 26 में आँगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण हेतु राशि ₹350 करोड़ के बजट का प्रावधान प्रस्तावित है।
ये भी पढ़िए: TRADE WAR: डोनाल्ड ट्रंप ने https://swadeshlive.com/trade-war-donald-trump-doubles-tariffs-on-canadian-steel/कनाडाई स्टील पर टैरिफ किया दोगुना





