,

अमेरिका Iran तनाव के बीच में बढ़ी राजनीतिक हलचल, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने दिया इस्तीफा

https://swadeshlive.com/iran-president-resignation/

Iran: ईरान की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के इस्तीफे से जुड़ी खबरें सामने आईं। विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने देश के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिखकर अपनी जिम्मेदारियों और शासन व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। हालांकि इस्तीफे को आधिकारिक मंजूरी मिली है या नहीं, इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

इस्तीफे की खबरों के पीछे क्या है वजह

रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार को कई महत्वपूर्ण नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों से अलग रखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने शासन व्यवस्था में बढ़ते हस्तक्षेप और निर्णय प्रक्रिया में सीमित भूमिका को लेकर असंतोष जताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो यह ईरान की आंतरिक सत्ता संरचना को लेकर बड़े सवाल खड़े कर सकता है।

Iran: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स पर लगाए गए आरोप

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की भूमिका को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उनके कथित पत्र में कहा गया है कि देश के कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्वाचित सरकार की भूमिका कमजोर होती जा रही है।

हालांकि इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रशासनिक ढांचे को लेकर जताई चिंता

इस्तीफे से जुड़ी खबरों में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रशासनिक व्यवस्था के मौजूदा स्वरूप पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी है कि यदि निर्वाचित संस्थाओं की भूमिका कमजोर होती है तो शासन प्रणाली पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का सामना कर रहा है।

Iran: अमेरिका के साथ संभावित वार्ता के बीच बढ़ी चर्चा

रिपोर्टों के अनुसार यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की संभावनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देश के भीतर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है तो इसका असर विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं पर भी पड़ सकता है।

कई महीनों से जारी बताए जा रहे थे मतभेद

राजनीतिक हलकों में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि ईरान के सत्ता तंत्र के विभिन्न हिस्सों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद मौजूद हैं। हालांकि इन मतभेदों की प्रकृति और प्रभाव को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं।

इस्तीफे की खबरों ने इन चर्चाओं को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

Iran: मंजूरी को लेकर बनी हुई है स्थिति स्पष्ट होने की प्रतीक्षा

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राष्ट्रपति का इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं। इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आने वाले दिनों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से लिए जाने वाले फैसले देश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है असर

ईरान पश्चिम एशिया की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में वहां की आंतरिक राजनीतिक गतिविधियों पर दुनिया भर की नजर रहती है। यदि राष्ट्रपति पद को लेकर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव होता है, तो उसका प्रभाव क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।

फिलहाल सभी की निगाहें ईरान के शीर्ष नेतृत्व की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

read also: Chenab Beas Link Tunnel पर बढ़ी पाकिस्तान की चिंता, भारत के मेगा जल परियोजना को लेकर छिड़ी नई बहस

MCB Ganja Smuggling: दो पिकअप वाहनों से 10 क्विंटल गांजा जब्त, 4 करोड़ की खेप के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार

संवाददाता:अविनाश चंद्र MCB Ganja Smuggling में नागपुर हाईवे पुलिस की बड़ी कार्रवाई…