Isa Ahmad
SECL Environmental Hearing: रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में प्रस्तावित SECL (South Eastern Coalfields Limited) परियोजना की पर्यावरणीय जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को प्रभावित ग्राम पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीण रायगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर 8 जून 2026 को ग्राम पेलमा में आयोजित होने वाली जनसुनवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
SECL Environmental Hearing: प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजा को लेकर नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि SECL परियोजना से प्रभावित परिवारों की भूमि, रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान अभी तक नहीं किया गया। ज्ञापन में उन्होंने प्रत्येक एकड़ भूमि के बदले स्थायी रोजगार, सभी प्रभावित परिवारों के लिए समान मुआवजा नीति, भूमिहीनों को प्राथमिकता और आदिवासी एवं पारंपरिक भूमि धारकों को उचित अधिकार दिए जाने की मांग की।
SECL Environmental Hearing: ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक SECL द्वारा पुनर्वास और मुआवजे की स्पष्ट नीति नहीं दी जाती, तब तक वे जनसुनवाई का विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन बिना उनकी मांगों पर विचार किए जनसुनवाई आयोजित करता है, तो हजारों ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
SECL Environmental Hearing: प्रशासन और SECL का रुख अब अहम
SECL Environmental Hearing: प्रदर्शनकारियों की चेतावनी के बाद प्रशासन और SECL की प्रतिक्रिया इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विभिन्न गांवों में हुई बैठकों में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि बिना स्पष्ट पुनर्वास नीति के जनसुनवाई करना अनुचित होगा। अब सभी की नजरें यह देखने पर हैं कि प्रशासन और SECL इस संवेदनशील मामले में कैसे रुख अपनाते हैं।
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यह विरोध छत्तीसगढ़ में पर्यावरणीय परियोजनाओं और प्रभावित समुदायों के अधिकारों को लेकर बढ़ती चेतना का प्रतीक माना जा रहा है।





