भोपाल के अवधपुरी थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा करते हुए रीगल टाउन अवधपुरी से 5 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से तीन लग्जरी कार समेत 2.50 करोड़ कीमत का मशरुका बरामद हुआ है। पकड़े गए ठगों पर पहले से धोखाधड़ी, चोरी, मारपीट सहित कई अपराधित मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह घूमने-फिरने और नशे का शौक पूरा करने के लिए साइबर ठगी की वारदात किया करते थे।
कैसे चढ़े आरोपी पुलिस के हत्थे
अवधपुरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रीगल टाउन, ब्लॉक नंबर 1 ए, फ्लैट नंबर 301 में कुछ संदिग्ध युवक रह रहे हैं, जो महंगी गाड़ियों में घूमते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस उपायुक्त जोन-02 संजय कुमार अग्रवाल ने थाना प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तलाशी ली, तो वो भी चौक गई । मंहगे कपड़े , ब्रांडेड शू से लेकर कई सामान उनके घर में मौजूद था। तलाशी में पुलिस को वहां से नोट गिनने की मशीन और कई कंपनियों के महंगे मोबाइल भी मिले । आरोपियों से जिसके बार में पूछताछ की तो आरोपी संतोषजन जवाब नहीं दे पाएं । जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जूम कार कंपनी की ऐप से करते थे ठगी
गिरफ्तार साइबर ठगो ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे जूम कार कंपनी की ऑनलाइन एप्लिकेशन का दुरुपयोग कर फर्जी कार बुकिंग करते थे। वे इंटरनेट से कारों की तस्वीरें डाउनलोड कर उन्हें जूम कार प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर देते थे। ग्राहक जब कार बुक करता था, तो वह एडवांस पेमेंट कर देता था। जूम कार कंपनी कुल राशि का 60% हिस्सा आरोपियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देती थी। जब ग्राहक अपनी बुकिंग के अनुसार कार लेने पहुंचता, तो आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन बंद कर दिया जाता था। इसके बाद, जूम कंपनी जब आरोपियों से संपर्क नहीं कर पाती, तो उनके बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देती थी। लेकिन आरोपी हर बार नए सिम, बैंक अकाउंट और फर्जी पहचान के जरिए फिर से नई बुकिंग कर ठगी को अंजाम देते थे। इस तरह से यह दिल्ली, मुम्बई और देश के अन्य शहरों के लोगों से ठगी करते थे।
ठगी का पैसा निकालने के लिए मनरेगा अकाउंट्स का करते थे उपयोग
आरोपी इतने शातिर थे कि वे पुलिस गिरफ्त में ना आए । इसके लिए उन्होंने मनरेगा के तहत खुले मजदूरों के बैंक अकाउंट्स को भी 10-10 हजार रुपये में खरीद कर रखा था । जिसे वे जूम ऐप पर इस्तेमाल करते थे । और हर अकाउंट बनाने के लिए अलग सिम के साथ अलग बैंक अकाउंट का उपयोग करते थे । यही कारण है कि पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 37 एटीएम कार्ड, 13 चैक बुक और आठ पास बुक भी जब्त की है । जो दूसरे व्यक्तियों के नाम पर है ।
वही मामले के सामने आने के बाद अब पुलिस परिवहन विभाग को भी जूम ऐप की शिकायत करेगा कि वे निजी वाहनों को कैसे अपने ऐप के जरिये कॉमर्शियल उपयोग के लिए दे रहे है ।
आरोपियों के पास से ये सामान हुआ बरामद
- 2 BMW कारें
- 1 XUV 500 कार
- 48 मोबाइल व टैबलेट
- 37 एटीएम कार्ड
- 8 पासबुक, 13 चेकबुक
- 92 सिम कार्ड
- नोट गिनने की मशीन
गिरफ्तार आरोपी
- यश सलूजा (27 वर्ष) – कटारा हिल्स, भोपाल
- अंशुल प्रियांश सिंह (28 वर्ष) – झांसी, यूपी
- मयंक ठाकुर (23 वर्ष) – छिंदवाड़ा
- अविनाश पांडे (28 वर्ष) – छतरपुर
- सहजप्रीत सिंह (23 वर्ष) – पंजाब





