रिपोर्ट- प्रमोद श्रीवास्तव
Political Debate नई दिल्ली, देश की राजनीति में अब बहस के मंच को लेकर नई बहस छिड़ गई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है, तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने की बात कही है। राहुल गांधी प्रधानमंत्री से आमने-सामने सवाल-जवाब चाहते हैं, वहीं बीजेपी का कहना है कि चर्चा के लिए संसद से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता। राहुल के चैलेंज और शाह के जवाब के बाद कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
Political Debate BJP नेताओं ने राहुल गांधी के चैलेंज पर उठाए सवाल
दरअसल लोकतंत्र में सवाल भी जरूरी हैं और सवालों के जवाब भी… लेकिन जब सवाल प्रधानमंत्री से हो और चुनौती देश के सबसे बड़े विपक्षी नेता की तरफ से आए, तो सियासत गरमाना तय है। राहुल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री उनके साथ मीडिया और युवाओं की मौजूदगी में आमने-सामने बैठकर चर्चा करें। दूसरी तरफ अमित शाह ने इस चुनौती का जवाब संसद के विशेष सत्र के प्रस्ताव से दिया है। शाह ने SIR, EVM और घुसपैठियों के मुद्दे पर संसद में बहस करने की बात कही है। ऐसे में सवाल है कि क्या देश को मुद्दों पर खुली बहस देखने को मिलेगी या बहस के मंच को लेकर ही सियासत जारी रहेगी ?…
Political Debate सार्थक संवाद में बदलेगा सरकार-विपक्ष का सियासी टकराव?
देश की राजनीति में इन दिनों लोकतंत्र और संविधान के नाम पर सियासी घमासान छिड़ा है। कांग्रेस ने वोट बचाओ, संविधान बचाओ के नारे के साथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, तो बीजेपी इसके जवाब में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के जरिए कांग्रेस को घेर रही है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैला रही है, तो कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज है।
Political Debate ‘शाह ने किया पलटवार, संसद का विशेष सत्र बुलाने तैयार
इसी बीच राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खुली बहस का मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वो किसी भी जगह और किसी भी समय बहस के लिए तैयार हैं। राहुल ने विदेशी प्रभाव, देश की आर्थिक व्यवस्था और अडानी से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है। इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर युवाओं से भी पूछा कि क्या वे राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की खुली बहस देखना चाहते हैं।इस चुनौती के जरिए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को सीधे जवाबदेही के कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।
Political Debate तो वहीं राहुल गांधी की चुनौती पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मोर्चा संभाला। शाह ने कहा कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है। SIR, EVM और घुसपैठियों के मुद्दे पर संसद में बहस करने की चुनौती देते हुए शाह ने राहुल गांधी से सदन में आने को कहा। शाह का आरोप है कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित करता है और फिर बहस की मांग करता है।
लोकतंत्र और संविधान के मुद्दे पर देश की दो प्रमुख राजनीतिक ताकतें और उसके नेता आमने-सामने हैं। राहुल गांधी चाहते हैं प्रधानमंत्री उनके साथ आमने-सामने बैठकर सवालों का जवाब दें, तो अमित शाह संसद के भीतर चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रहे हैं। कांग्रेस इसे प्रधानमंत्री की जवाबदेही का सवाल बना रही है, तो बीजेपी विपक्ष को संसद में बहस की चुनौती दे रही है। लेकिन लोकतंत्र में असली कसौटी मंच नहीं, मुद्दों पर तथ्यपूर्ण जवाब और जवाबदेही है। जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता आमने सामने हैं।
बहरहाल अब राहुल गांधी बहस के लिए किसी भी मंच पर आने की बात कही, तो अमित शाह संसद के विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव रखा। कुल मिलाकर कांग्रेस प्रधानमंत्री से सीधे सवालों के जवाब चाहती है, जबकि बीजेपी संसदीय मंच पर चर्चा को उचित बता रही है। अब गेंद दोनों राजनीतिक पक्षों के पाले में है। और सवाल ये कि क्या सरकार विशेष सत्र बुलाने की दिशा में आगे बढ़ेगी ? क्या विपक्ष संसद में इस चर्चा के लिए तैयार होगा ? और क्या दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों से आगे बढ़कर देश के सामने तथ्य रखेंगे ? क्योंकि लोकतंत्र में असहमति भी जरूरी है और संवाद भी… ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं कि बहस कहां होगी, सवाल यह है कि क्या बहस में देश के मुद्दों पर जवाब भी मिलेंगे ? और क्या लोकतंत्र के संसदीय मंच पर संवाद की नई शुरुआत होगी।
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