Report: Santosh Saravgee
Gwalior Power Cut ग्वालियर जिले के छोटा बाबूपुर गांव में लगातार बिजली कटौती ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पिछले 10 से 12 दिनों से नियमित बिजली आपूर्ति न होने के कारण धान की फसल सूखने लगी है। खेतों में दरारें पड़ रही हैं, ट्यूबवेल बंद पड़े हैं और किसानों की मेहनत बर्बाद होती दिखाई दे रही है।

स्वदेश न्यूज़ की टीम जब गांव पहुंची तो खेतों में सूखती फसल और परेशान किसानों का दर्द साफ दिखाई दिया। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं मिला तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
Gwalior Power Cut किसानों का आरोप: राजनीति की भेंट चढ़ रही खेती
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली संकट केवल तकनीकी खराबी का मामला नहीं है, बल्कि गांव की राजनीति का परिणाम है। उनका दावा है कि पड़ोसी गांव बड़े बाबूपुर के प्रभावशाली लोगों के दबाव में छोटा बाबूपुर की बिजली आपूर्ति प्रभावित की जा रही है।

किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही। उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि खेतों में खड़ी फसल हर दिन सूखती जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर किसानों की मेहनत और भविष्य से कब तक खिलवाड़ होता रहेगा।
Gwalior Power Cut जिम्मेदारों की चुप्पी, किसानों के सामने संकट
ग्रामीणों के अनुसार कई बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। बिजली विभाग की ओर से तकनीकी खराबी का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन गांव वालों का कहना है कि उन्हें सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है।

किसानों का आरोप है कि प्रशासन और बिजली विभाग की उदासीनता के कारण उनका लाखों रुपये का नुकसान होने वाला है। यदि आने वाले कुछ दिनों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो दर्जनों किसान कर्ज और आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या किसानों की फसल और उनकी आजीविका भी स्थानीय दबाव और लापरवाही की भेंट चढ़ जाएगी, या फिर जिम्मेदार विभाग समय रहते कोई ठोस कदम उठाएगा।



