BY
Yoganand Shrivastava
Kerala Vande Mataram Row केरल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाने संबंधी निर्देश को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मुख्य सचिव द्वारा जारी एक सर्कुलर के बाद कांग्रेस नेतृत्व वाली राज्य सरकार विपक्ष और सहयोगी दलों दोनों के सवालों के घेरे में आ गई है।
विवाद की शुरुआत उस निर्देश से हुई, जिसमें स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को पूर्ण रूप से गाने की बात कही गई। इसके बाद राज्य की राजनीति में इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।
Kerala Vande Mataram Row विपक्ष और सहयोगी दलों ने उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने सरकार पर अपने पारंपरिक रुख से पीछे हटने का आरोप लगाया है। वामपंथी दलों का कहना है कि यह फैसला राज्य की लंबे समय से चली आ रही नीति और धर्मनिरपेक्ष परंपराओं के विपरीत है।
राजनीतिक दलों के बीच इस बात को लेकर मतभेद सामने आए हैं कि सरकारी आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ के किस हिस्से का गायन किया जाना चाहिए। इस मुद्दे ने स्वतंत्रता दिवस समारोहों से पहले राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।
Kerala Vande Mataram Row कांग्रेस नेता के बयान से बढ़ा विवाद
विवाद उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजमोहन उन्नीथान ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण नहीं गाएंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
वहीं, राज्यपाल कार्यालय ने भी स्पष्ट किया है कि इस तरह का निर्देश जारी करने के लिए उसकी ओर से कोई दबाव नहीं बनाया गया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि सर्कुलर में यह निर्देश किस स्तर पर शामिल किया गया।
स्वतंत्रता दिवस नजदीक आने के साथ ही सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार इस विवाद पर क्या अंतिम रुख अपनाती है और आधिकारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर क्या व्यवस्था लागू की जाती है।



