रिपोर्ट: हिमांशु प्रियदर्शी
Tribal Culture Film Screening विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (JFDCL) ने अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप में विशेष फिल्म स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कई महत्वपूर्ण फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष शुक्रांतो मजूमदार, शिलाजीत सान्याल, नीलांजन बनर्जी, पंचायत फेम अभिनेत्री कल्याणी खत्री, फिल्म निर्देशक बीजू टोप्पो और निरंजन कुजूर की उपस्थिति में हुआ।
Tribal Culture Film Screening आदिवासी जीवन पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन
फिल्म स्क्रीनिंग के दौरान EPIL, Panchabhuta, Pahada Kuduk, Buro Ghar, The Girl Who Lived in the Loo, Long Lost Home, Sondhayni, Angen, Papaya, Sari Sarjom, Lady Tarzen, Edpa Kana, Man Melody और Dolls जैसी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों के माध्यम से आदिवासी समाज की संस्कृति, संघर्ष, परंपराओं और जीवन शैली को दर्शाया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा फिल्मों के माध्यम से आदिवासी समाज को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।
Tribal Culture Film Screening फिल्म मेकिंग में करियर पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
Tribal Culture Film Screening फिल्म प्रदर्शन के साथ-साथ “फिल्म मेकिंग में करियर” विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस दौरान शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को फिल्म एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
शिलाजीत सान्याल ने कहा कि फिल्म निर्माण से जुड़े प्रोफेशनल कोर्स युवाओं के सपनों को नई दिशा दे रहे हैं और झारखंड के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
Tribal Culture Film Screening युवाओं को मिला प्रेरणा और मार्गदर्शन
फिल्म निर्देशक निरंजन कुजूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को रचनात्मकता, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं अभिनेत्री कल्याणी खत्री ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता पाने के लिए अनुशासन, मेहनत और धैर्य सबसे महत्वपूर्ण हैं।
विशेषज्ञों ने पैनल चर्चा के दौरान फिल्म निर्माण, तकनीकी प्रशिक्षण और करियर की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि 10 अगस्त को युवाओं के लिए एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उन्हें अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखने का अवसर मिलेगा।
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