CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की विदेश में पढ़ाई, छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और रहने के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पार्टी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी आवश्यक दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले प्रधानमंत्री राहत कोष (PM CARES), प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) और राजनीतिक फंडिंग से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
CJP: विदेश में पढ़ाई और खर्च को लेकर उठे सवाल
हाल के दिनों में अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई, छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विदेश में रहने के खर्च को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन्हीं आरोपों के बीच पार्टी की ओर से मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा गया।
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में सौरव दास ने कहा कि पार्टी किसी भी तरह के दस्तावेज छिपाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उनसे पढ़ाई, डिग्री या आर्थिक स्रोतों से जुड़े दस्तावेज मांगे जा रहे हैं तो समान रूप से सरकार को भी पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी से कागजात मांगे जाते हैं तो अन्य सार्वजनिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों से जुड़े दस्तावेज भी सामने आने चाहिए।
CJP: PM CARES और PMNRF के ऑडिट की उठाई मांग
सौरव दास ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि PM CARES फंड का ऑडिट कराया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) का पूरा विवरण भी सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना था कि इससे जनता के सामने पूरी पारदर्शिता आएगी।
CJP: राजनीतिक फंडिंग पर भी उठाए सवाल
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी को मिलने वाले फंड के स्रोतों की जानकारी भी सार्वजनिक होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि सभी पक्षों से समान स्तर पर जवाबदेही तय होगी, तभी पारदर्शिता का उद्देश्य पूरा होगा।
CJP: डिग्री विवाद पर भी दिया बयान
सौरव दास ने कहा कि अभिजीत दिपके पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी शैक्षणिक डिग्री सार्वजनिक करते हैं तो वह भी अपनी डिग्री और पढ़ाई से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार यह मांग पारदर्शिता के सिद्धांत के आधार पर रखी गई है।
CJP: वायरल दावों पर कही यह बात
सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर अभिजीत दिपके के मकान, किराए और निजी जीवन को लेकर सामने आ रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि इन विषयों पर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं को लेकर भविष्य में व्यंग्यात्मक स्टैंड-अप कॉमेडी शो भी तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कई दावों को गंभीरता से लेने के बजाय तथ्यों के आधार पर परखा जाना चाहिए।
CJP: कोर कमेटी की बैठक में आगे की रणनीति पर होगी चर्चा
सौरव दास ने बताया कि पार्टी की कोर कमेटी की बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार होगा। उन्होंने कहा कि अब तक हुए प्रदर्शनों के बाद संगठन यह तय करेगा कि अभियान को जमीनी स्तर तक किस तरह पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि 6 अगस्त को पार्टी आगे की रणनीति और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी सार्वजनिक करेगी।
CJP ने आंदोलन को बताया जनजागरूकता अभियान
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि यह केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं बल्कि एक जनजागरूकता अभियान है। उनके अनुसार समाज में मौजूद विभिन्न समस्याओं को लेकर लोगों को जागरूक करना और उन्हें जमीनी स्तर पर जोड़ना संगठन का मुख्य उद्देश्य है।
CJP: अभिजीत दिपके ने छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण पर क्या कहा
इससे पहले अभिजीत दिपके भी अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अमेरिका में अपनी पढ़ाई छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण की मदद से पूरी की है। उनके अनुसार आवश्यकता पड़ने पर वह इनसे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने के लिए तैयार हैं।
दिपके ने कहा कि उन्हें बोस्टन विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली थी और पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण भी लिया था, जिसका भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच भी कराई जा सकती है।
CJP: दस्तावेज सार्वजनिक करने की रखी शर्त
अभिजीत दिपके ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी शैक्षणिक डिग्री सार्वजनिक करते हैं तो वह भी अपनी छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और डिग्री से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर देंगे। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता सभी पक्षों के लिए समान रूप से लागू होनी चाहिए।
CJP: जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर लगाया आरोप
अभिजीत दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित एजेंसियों या सरकार की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



