Monsoon Health Tips : सावन-बरसात में शरीर के लिए वरदान है लौकी का रस
by: vijay yadav
Monsoon Health Tips : भोपाल, बारिश का मौसम यानी आषाढ़, सावन और भादो का महीना शरीर के लिए कई बदलाव लेकर आता है। इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने के कारण पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और आयुर्वेद के अनुसार शरीर की जठराग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर हो सकती है। ऐसे समय में हल्के, आसानी से पचने वाले और शरीर को संतुलित रखने वाले आहार का सेवन करना लाभकारी माना जाता है।
इन्हीं में से एक है लौकी (घिया) का जूस। आयुर्वेद में लौकी को शीतल, हल्का और शरीर को संतुलित रखने वाली सब्जी माना गया है। बारिश के मौसम में इसका रस शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

Monsoon Health Tips : लौकी के जूस में छिपे हैं कई पोषक तत्व
लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।
लौकी का जूस शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है और गर्मी तथा उमस वाले मौसम में शरीर को तरोताजा रखने में सहायक होता है।
Monsoon Health Tips : पेट की गर्मी और एसिडिटी में राहत देने में सहायक
बारिश के मौसम में खान-पान में बदलाव के कारण कई लोगों को गैस, अपच, पेट भारी होना और एसिडिटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
लौकी का जूस हल्का होने के कारण पाचन तंत्र पर अधिक दबाव नहीं डालता। इसमें मौजूद पानी और फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार लौकी शरीर में बढ़ी हुई गर्मी को शांत करने में सहायक मानी जाती है।
Monsoon Health Tips : शरीर को हल्का और ऊर्जावान रखने में मददगार
लौकी में कैलोरी की मात्रा कम होती है, इसलिए यह शरीर को हल्का रखने वाले आहारों में शामिल की जाती है। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से भारीपन कम महसूस हो सकता है।
जो लोग अपने खान-पान में हल्के और प्राकृतिक विकल्प शामिल करना चाहते हैं, उनके लिए लौकी का रस एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

Monsoon Health Tips : मूत्रवर्धक गुणों के कारण सूजन में उपयोगी
लौकी में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में सहायता कर सकती है। आयुर्वेद में इसे मूत्रवर्धक गुणों वाली सब्जी माना जाता है।
शरीर में पानी रुकने के कारण होने वाली हल्की सूजन या भारीपन की समस्या में लौकी का सेवन लाभकारी माना जाता है। हालांकि किसी गंभीर बीमारी या लगातार सूजन की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
Monsoon Health Tips : उच्च रक्तचाप वालों के लिए भी माना जाता है लाभकारी
लौकी में पोटैशियम जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में लौकी का सेवन उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है।
हालांकि ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों को किसी भी बदलाव से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
Monsoon Health Tips : लौकी का जूस बनाने का सही तरीका
लौकी का जूस हमेशा ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली लौकी से बनाना चाहिए।
Monsoon Health Tips : सामग्री:
ताजी लौकी – एक कप छोटे टुकड़ों में कटी हुई
पुदीने की कुछ पत्तियां
अदरक का छोटा टुकड़ा
सेंधा नमक – स्वादानुसार
थोड़ा भुना हुआ जीरा
बनाने की विधि:
सबसे पहले लौकी को अच्छी तरह धोकर छील लें। इसके बाद छोटे टुकड़े करके मिक्सर में पीस लें। इसमें पुदीना, थोड़ा अदरक, सेंधा नमक और भुना जीरा मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
Monsoon Health Tips : लौकी का जूस पीने का सही समय और मात्रा
आयुर्वेद के अनुसार किसी भी चीज का सेवन उचित मात्रा में करना जरूरी है। सामान्य तौर पर सुबह खाली पेट 100 से 150 मिलीलीटर लौकी का जूस लिया जा सकता है।
इसे हमेशा ताजा बनाकर तुरंत पीना चाहिए। लंबे समय तक रखा हुआ जूस पीने से बचना चाहिए।
- लौकी का जूस पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
- हमेशा ताजी और कड़वाहट रहित लौकी का ही इस्तेमाल करें।
- यदि लौकी का स्वाद कड़वा लगे तो उसका जूस न पिएं।
- जूस में ज्यादा मसाले या चीनी न मिलाएं।
- बहुत ठंडा करके या बर्फ डालकर सेवन करने से बचें।
- किसी बीमारी या दवा के सेवन की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लें।
बारिश के मौसम में लौकी का जूस शरीर को हल्का रखने, पाचन सुधारने और प्राकृतिक रूप से शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार हो सकता है। आयुर्वेद में भी लौकी को संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक आहार माना गया है। सावन के मौसम में यदि इसे सही तरीके से और उचित मात्रा में लिया जाए तो यह शरीर को तरोताजा रखने के साथ-साथ कई सामान्य समस्याओं से बचाव में सहायक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी चीज का सेवन अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार करना बेहतर होता है।
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