Rakhi Verma Executive Editor
PM Modi on NEET : नई दिल्ली, संसद विरोध-प्रदर्शन के बाद स्थगित कर दी गई | सदन के बाहर आकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है, लोकतंत्र में ऐसा करना गलत है। वहीं, नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की। विपक्ष का कहना है इन मुद्दों पर चर्चा के लिए हमने लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी लिखी है लेकिन चर्चा नहीं कराई जा रही है |
इस बीच नीट (NEET) पेपर लीक और धांधली के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए (NDA) की बैठक में बड़ा बयान दिया है उन्होंने पेपर लीक को “घोर पाप” कहा और चेतावनी दी कि इसके दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी |
PM Modi on NEET : पीएम का NEET पर बयान, सड़क से संसद तक संग्राम
पीएम ने कहा, सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया गया. पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा भी कराई गई. प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को ‘घोर पाप’ बताया और कहा कि सभी राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा ताकि आगे कभी पेपर लीक जैसी घटना न हो… प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा देखा गया. लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा है, इसलिए पेपर लीक की खबर सामने आते ही यह मुद्दा बड़ा राष्ट्रीय विषय बन गया.
PM Modi on NEET : पीएम का NEET पर बयान, पेपर लीक “घोर पाप”
उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों…. उधर बढ़ते प्रदर्शन को लेकर विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाये है, छात्रों की नाराजगी भी साफ़ नजर आई जहाँ अपनी आवाज उठाने के लिए उन पर लाठियां भांजी गई | ऐसे में एक तरफ पीएम का बयान है और सड़क से सदन तक संग्राम भी जारी है, कैसे गंभीर मुद्दों का हल निकलेगा ये बड़ा सवाल है |
PM Modi on NEET : नीट पर पीएम का बयान
• युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा
• गड़बड़ी की खबरें आते ही सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और कई लोगों को गिरफ्तार किया
• छात्रों का नुकसान न हो, इसलिए सरकार ने तुरंत री-एग्जाम का कदम उठाया
• पेपर लीक रोकना एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है
संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। लेकिन जब पक्ष और विपक्ष लगातार टकराव की स्थिति में रहें, तो सबसे बड़ा नुकसान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का होता है। NEET पेपर लीक जैसे मामले करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता से जुड़े हैं। ऐसे मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप से अधिक ठोस समाधान और जवाबदेही की आवश्यकता है।
सरकार का दायित्व है कि वह पारदर्शिता के साथ जवाब दे और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए, वहीं विपक्ष की भूमिका भी केवल विरोध तक सीमित न रहकर रचनात्मक सुझाव देने की होनी चाहिए। संसद में संवाद, बहस और सहमति की परंपरा ही लोकतंत्र की असली ताकत है। यदि सदन बार-बार हंगामे की भेंट चढ़ेगा, तो जनता के विश्वास पर भी असर पड़ेगा। देश की अपेक्षा यही है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह रहें, लेकिन शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद समाधान का मंच बने, टकराव का नहीं।





