Isa Ahmad
Veer Bharat Nyas Controversy: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने वीर भारत न्यास को उज्जैन में कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन एक रुपये की टोकन राशि पर दिए जाने के आरोपों को खारिज किया है। 27 जून 2026 को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे मामले का अध्ययन किया है और उनके अनुसार लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि सिंधिया जी द्वारा निर्मित भवन को नियमानुसार वीर भारत न्यास को सौंपा गया है। उन्होंने ट्रस्ट की डीड दिखाते हुए कहा कि वीर भारत न्यास का पंजीयन मध्यप्रदेश पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, 1951 की धारा 4 के तहत 26 अप्रैल 2013 को हुआ था और यह एक शासकीय न्यास है। उन्होंने यह भी कहा कि इस न्यास के अध्यक्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री होते हैं और कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ भी इसके अध्यक्ष रह चुके हैं।
Veer Bharat Nyas Controversy: दिग्विजय सिंह बोले- वीर भारत न्यास को नियमों के तहत मिली संपत्ति
Veer Bharat Nyas Controversy: दिग्विजय सिंह ने कहा कि कुछ लोग गलत आरोप लगाकर धन वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “दलाल” झूठे दावे कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उनका कहना था कि पूरे देश में इस तरह के लोग सक्रिय हैं और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।
Veer Bharat Nyas Controversy: जीतू पटवारी के आरोपों पर दिया जवाब, दलालों पर साधा निशाना
गौरतलब है कि दो दिन पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाया था कि उज्जैन में वीर भारत न्यास को लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर आवंटित की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टियों में मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार शामिल हैं। इस मामले में दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों का खंडन करते हुए मोहन सरकार का बचाव किया है।





