BY
Yoganand Shrivastava
Odisha Nabarangpur Livestock Inspector Vigilance Raid ओडिशा के नबरंगपुर जिले में ‘ओडिशा विजिलेंस विभाग’ (Odisha Vigilance Department) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस की टीम ने रायघर में मुख्य जिला पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर (पशुधन निरीक्षक) प्रफुल्ल हलदर को ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है।
आरोपी अधिकारी पर सरकार की कल्याणकारी योजना ‘मुख्यमंत्री कामधेनु योजना’ के तहत एक लाभार्थी की सब्सिडी राशि जारी करने के एवज में यह घूस मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो वहां से भारी मात्रा में नोटों की गड्डियां (कैश) बरामद हुईं।
Odisha Nabarangpur Livestock Inspector Vigilance Raid ‘मुख्यमंत्री कामधेनु योजना’ की सब्सिडी के बदले मांगी घूस
यह पूरा मामला राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है:
- क्या है योजना: मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के तहत छोटे और सीमांत डेयरी किसानों को 1 से 5 गायों की डेयरी यूनिट (दूध उत्पादन केंद्र) स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसी योजना के तहत रायघर क्षेत्र के एक डेयरी किसान का चयन लाभार्थी के रूप में हुआ था।
- रिश्वत न देने पर दी थी धमकी: आरोपी प्रफुल्ल हलदर ने लाभार्थी किसान की सब्सिडी फाइल को आगे बढ़ाने और राशि जारी करने के बदले ₹80,000 की मांग की थी। आरोपी ने कथित तौर पर किसान को यह धमकी भी दी थी कि यदि पैसे नहीं मिले, तो न केवल उसकी बल्कि उसके पूरे गांव के अन्य लाभार्थियों की भी सब्सिडी रुकवा दी जाएगी।
Odisha Nabarangpur Livestock Inspector Vigilance Raid विजिलेंस का बिछाया जाल, ‘हैंड वॉश टेस्ट’ में फंसे अधिकारी
बार-बार की प्रताड़ना और रिश्वत की मांग से तंग आकर पीड़ित किसान ने इस बात की लिखित शिकायत ओडिशा विजिलेंस विभाग से कर दी:
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने त्वरित जाल (टैप) बिछाया। शनिवार को तय रणनीति के मुताबिक जैसे ही शिकायतकर्ता किसान ने आरोपी प्रफुल्ल हलदर को रिश्वत के ₹80,000 सौंपे, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
- वैज्ञानिक साक्ष्य: कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से घूस की पूरी रकम बरामद कर ली गई। विजिलेंस के अनुसार, केमिकल कोटिंग वाले नोटों को छूने के कारण जब आरोपी अधिकारी के दोनों हाथों का ‘हैंड वॉश टेस्ट’ (रसायनिक परीक्षण) कराया गया, तो परिणाम सकारात्मक (पॉजिटिव) आए, जिससे कानूनी तौर पर घूस लेने की तत्काल पुष्टि हो गई।
Odisha Nabarangpur Livestock Inspector Vigilance Raid ठिकानों पर एक साथ रेड, घर से मिले ₹8.24 लाख कैश
रिश्वत के मामले में रंगे हाथों दबोचे जाने के तुरंत बाद विजिलेंस की स्पेशल विंग ने प्रफुल्ल हलदर की आय से अधिक संपत्ति के इनपुट पर उनके ठिकानों की तलाशी शुरू की:
- घर और दफ्तर खंगाले: आरोपी के रायघर स्थित निजी आवास और उनके आधिकारिक कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की गई।
- बरामदगी: इस आकस्मिक तलाशी के दौरान प्रफुल्ल हलदर के घर के भीतर से ₹8.24 लाख की बेहिसाब नकदी (कैश) बरामद हुई, जिसे अधिकारियों ने तत्काल जब्त कर लिया।
कड़ी धाराओं में केस दर्ज: इस भ्रष्टाचार के मामले को लेकर कोरापुट विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही, ज्ञात स्रोतों से अधिक की इस संपत्ति और नोटों की गड्डियों के मुख्य सोर्स को खंगालने के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।





