BY
Yoganand Shrivastava
Maharashtra Thane TET Paper Leak महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र (पेपर) परीक्षा से ठीक एक दिन पहले लीक हो गया है। पेपर लीक की भनक लगते ही शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया, जिसके बाद आनन-फानन में कल होने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द (कैंसिल) कर दिया गया है।

इस घटना के बाद राज्य में एक बार फिर पेपर लीक को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है और कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया है।
Maharashtra Thane TET Paper Leak भिवंडी में मिला था प्रश्नपत्र, जांच के बाद परीक्षा रद्द
Maharashtra Thane TET Paper Leak प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मुंबई से सटे ठाणे जिले के भिवंडी इलाके से जुड़ा है:

- गोपनीय सूचना पर एक्शन: महाराष्ट्र पुलिस और शिक्षा विभाग (Education Department) को पुख्ता जानकारी मिली थी कि भिवंडी इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति के पास रविवार को होने वाली टीईटी परीक्षा का मूल प्रश्नपत्र पहले से ही मौजूद है।
- केस दर्ज: इस इनपुट के आधार पर जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहन जांच की, तो पेपर लीक होने की पुष्टि हो गई। प्रशासन ने तुरंत इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
- परीक्षा कैंसिल: लीक की पुष्टि होने के बाद, परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने रविवार को होने वाली परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।
Maharashtra Thane TET Paper Leak कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: “किसका राजनीतिक संरक्षण है?”
TET पेपर लीक की खबर सामने आते ही विपक्ष ने शिंदे-फडणवीस-अजीत पवार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कई गंभीर सवाल दागे:
- सरकार पर तंज: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “पेपर लीक अब कोई अपवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह इस दरिद्र सरकार की पहचान बन गया है! कल महाराष्ट्र में होने वाली TET परीक्षा का पेपर उपमुख्यमंत्री के ठाणे में ही लीक होने की खबरें आ रही हैं।”
- लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिरा: उन्होंने आरोप लगाया कि इस पेपर लीक रैकेट ने परीक्षा के लिए दिन-रात एक करने वाले लाखों युवाओं की मेहनत, उनके सपनों और भविष्य पर पानी फेर दिया है। सरकार को यह बताना चाहिए कि इस रैकेट को ठीक-ठीक किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
- नारों और हकीकत में फर्क: हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि एक तरफ सरकार “पारदर्शी प्रशासन” के बड़े-बड़े नारे लगा रही है, तो दूसरी तरफ पेपर लीक का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब छात्रों को पढ़ाई करनी चाहिए या इस बात की चिंता करनी चाहिए कि पेपर परीक्षा से पहले किसके पास पहुंच रहा है?





