Report: Suresh kumar
Singrauli DEO Journalists School Entry Dispute मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्कूलों के भीतर पत्रकारों की एंट्री को लेकर उपजे विवाद के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय ने अपनी स्थिति साफ की है. डीईओ ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि पूर्व में जारी आदेश का उद्देश्य मीडिया की स्वतंत्र भूमिका को सीमित करना या प्रभावित करना कतई नहीं है.
यह कदम स्कूलों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल को सुचारू बनाए रखने के लिए केवल बिना अनुमति के आने वाले बाहरी तत्वों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है.
Singrauli DEO Journalists School Entry Dispute 25 जून के आदेश के बाद शुरू हुआ था विवाद
Singrauli DEO Journalists School Entry Dispute इस पूरे मामले की शुरुआत बीते 25 जून को जारी एक कार्यालयीन आदेश के बाद हुई थी:
- क्या था आदेश: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी इस आदेश में स्कूल परिसर के भीतर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर कुछ कड़े निर्देश और प्रतिबंध जारी किए गए थे.
- मीडिया जगत में आक्रोश: इस आदेश के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं. यह सवाल उठने लगे कि क्या प्रशासन जानबूझकर स्कूलों की बदहाली छुपाने के लिए पत्रकारों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा रहा है.
Singrauli DEO Journalists School Entry Dispute प्राचार्यों की शिकायतों के बाद जारी हुआ था निर्देश
विवाद को तूल पकड़ता देख जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अगले ही दिन, यानी 26 जून को त्वरित रूप से एक स्पष्टीकरण पत्र जारी किया:
- प्राचार्यों की शिकायत: डीईओ ने स्पष्ट किया कि यह आदेश कुछ स्कूलों के प्राचार्यों (Principals) की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जारी किया गया था.
- अनधिकृत लोगों पर नकेल: प्रशासन का कहना है कि कई बार कथित तौर पर अनधिकृत व्यक्ति, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और बिना पहचान वाले लोग बिना किसी अनुमति के सीधे कक्षाओं में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे शिक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न होती है.
Singrauli DEO Journalists School Entry Dispute “मान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रवेश से वंचित नहीं किया गया”
संशोधित रुख और स्पष्टीकरण में शिक्षा विभाग ने मीडिया के अधिकारों का सम्मान करने की बात दोहराई है:
- शैक्षणिक वातावरण पहली प्राथमिकता: विभाग के अनुसार, विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, अनुशासन और एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए ही बिना सक्षम अनुमति के प्रवेश को विनियमित (Regulate) किया गया है.
- पत्रकारों को छूट: स्पष्टीकरण में साफ तौर पर यह रेखांकित किया गया है कि यह निर्देश केवल अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों और इन्फ्लुएंसर्स को रोकने के लिए है. जिले के सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को विद्यालयों में प्रवेश करने या कवरेज करने से किसी भी रूप में वंचित नहीं किया गया है.
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