by
Yoganand Shrivastava
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case SIT अयोध्या के बहुचर्चित श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान (चंदा) चोरी प्रकरण में पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई अब और तेज होने वाली है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को सोमवार को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके बाद सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर कड़ाई से पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं, जिससे कई बड़े और रसूखदार लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही पुलिस अब सभी आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR), बैंक अकाउंट्स और उनकी संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही है।
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case SIT मुख्य किरदारों से पूछे जाएंगे ये तीखे सवाल
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case SIT सोमवार से शुरू होने वाली पूछताछ के लिए SIT और पुलिस ने सवालों की एक लंबी फेहरिस्त तैयार की है, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोपियों पर शिकंजा कसा जाएगा:
- टिन्नू (मुख्य आरोपी): टिन्नू को मंदिर में कौन लेकर आया? उसे दान पात्र और कलेक्शन सेंटर जैसी बड़ी ज़िम्मेदारी किसने सौंपी? वह किसे रिपोर्ट करता था? टिन्नू के मोबाइल से किन-किन बड़े लोगों को फोन किए गए और उसे मंदिर परिसर में इतनी मनमानी करने की ताकत किसने दी? इसके अलावा उसकी संपत्ति की भी जांच होगी।
- मनीष यादव (बैंक आउटसोर्स कर्मचारी): यह टिन्नू का भतीजा है। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में मनीष चढ़ावे के रुपयों के साथ-साथ सोने-चांदी के जेवर पार करते हुए रंगे हाथों दिखा है। पुलिस इससे पूछेगी कि चोरी का यह पैसा और जेवरात आगे कहां-कहां और किस-किस तक पहुंचाए जाते थे।
- अनुकल्प मिश्रा (बैंक आउटसोर्स कर्मचारी): बैंक में इसकी सिफारिश किसने की थी? बेहद कम समय में उसने इतनी अकूत संपत्ति कैसे जमा कर ली और अप्रैल के महीने में अपने गांव में लाखों रुपये खर्च करके भागवत कथा कैसे कराई? इन सारे वित्तीय स्रोतों की जांच होगी।
- लवकुश मिश्रा (बैंक आउटसोर्स कर्मचारी): यह अनुकल्प मिश्रा का बहनोई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि अनुकल्प के पास इतनी पावर कहां से आई कि उसने बिना किसी जांच-पड़ताल के अपने सगे बहनोई को ही बैंक में नौकरी पर रखवा दिया।
- सुभाष श्रीवास्तव (कलेक्शन सेंटर इंचार्ज): सुभाष को डॉ. अनिल मिश्रा का करीबी बताया जा रहा है, जो मंदिर में निःशुल्क सेवा दे रहा था। हालांकि सुभाष के पास से चोरी का पैसा बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस का मुख्य सवाल यह है कि कलेक्शन सेंटर का इंचार्ज होने के नाते उसने किसके इशारे पर और किसके कहने पर चढ़ावे की इस बड़ी चोरी के खिलाफ अपनी आंखें बंद कर रखी थीं?
- करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा और अविनाश शुक्ला (सेवादार): इन आरोपियों से भी अलग-अलग और फिर एक साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि बयानों के विरोधाभास को पकड़ा जा सके।
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case SIT कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाईं 3 मांगें
इस बीच, राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रख दी हैं:
- ट्रस्ट को भंग किया जाए: कांग्रेस की पहली मांग है कि इस पूरे वित्तीय घोटाले के सामने आने के बाद मौजूदा मंदिर ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाना चाहिए।
- सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच: मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी सिटिंग जज (वर्तमान न्यायाधीश) की सीधी निगरानी में कराई जाए।
- सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिन भी प्रभावशाली लोगों के खिलाफ इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज हुई है, उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? जांच को प्रभावित करने की क्षमता रखने वाले ऐसे सभी आरोपियों को तुरंत जेल भेजा जाए।
SIT की पैनी नजर: पुलिस प्रशासन का कहना है कि जन आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में साक्ष्यों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सोमवार को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद आरोपियों के बयानों और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। कानून व्यवस्था और शुचिता बनाए रखने के लिए हर संदिग्ध कड़ी को खंगाला जा रहा है।





