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Plastic Waste Recycling: प्लास्टिक कचरे से महिलाओं ने कमाए लाखों रुपये, दुर्ग के कोलिहापुरी मॉडल की पूरे जिले में होगी शुरुआत

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Plastic Waste Recycling

Plastic Waste Recycling: प्लास्टिक कचरे को बनाया रोजगार का माध्यम

Plastic Waste Recycling: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत कोलिहापुरी की महिलाओं ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। महिला स्व-सहायता समूहों ने घर-घर से प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण और पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) किया। इस प्रक्रिया के बाद प्लास्टिक को बाजार में बेचकर महिलाओं ने लाखों रुपये की आय अर्जित की। इस पहल से गांव को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला।

महिलाओं ने कुल 2730 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का संग्रहण कर उसका सफलतापूर्वक पुनर्चक्रण किया। इस अनूठी पहल की अब पूरे जिले में सराहना हो रही है।

Plastic Waste Recycling: पूरे जिले की पंचायतों में लागू होगा कोलिहापुरी मॉडल

ग्राम पंचायत कोलिहापुरी की इस सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन अब इस मॉडल को दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।

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जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे ने कहा कि कोलिहापुरी की महिलाओं ने स्वच्छता और आजीविका को जोड़ते हुए एक प्रेरणादायी मॉडल विकसित किया है। इस मॉडल का विस्तार पूरे जिले में किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले।