CM Yogi Ayodhya SIT Action Deoria अयोध्या के श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। देवरिया में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जन आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट आते ही तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और सरकार ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
CM Yogi Ayodhya SIT Action Deoria “मैंने कहा था, दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा”
शुक्रवार को देवरिया में विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसमूह के सामने सरकार का रुख पूरी तरह साफ किया:
- SIT की सिफारिशों पर एक्शन: सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या मामले को लेकर सरकार की मंशा पहले दिन से स्पष्ट है। वरिष्ठ अधिकारियों की एसआईटी टीम की संस्तुतियों (सिफारिशों) के अनुरूप ही सरकार अपनी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
- भुक्तभोगी होंगे दोषी: मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, वह उसका भुक्तभोगी होगा। यह छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती। मैं पहले भी कह चुका हूं कि जो सच है, वह सबके सामने आकर रहेगा।”
CM Yogi Ayodhya SIT Action Deoria रामभक्तों से अपील- “अयोध्या पर आक्षेप मत करें, मर्यादा का पालन करें”
मुख्यमंत्री ने अपने हालिया अयोध्या दौरे का जिक्र करते हुए देश-प्रदेश के नागरिकों और राजनीतिक दलों से मर्यादा बनाए रखने की अपील की:
- अयोध्या सनातन का प्रतीक: सीएम ने कहा, “मैं 19 जून को अयोध्या दौरे पर था और मैंने तब भी कहा था कि अयोध्या हम सबकी आस्था और भारत के सनातन धर्म का प्रतीक है। अयोध्या पर बिना तथ्यों के आक्षेप न करो, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो।”
- प्रमाण हैं तो SIT को दें: उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि अगर किसी के पास इस मामले में कोई पुष्ट प्रमाण हैं, तो वे आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय उसे प्रस्तुत करें और जांच में एसआईटी (SIT) का सहयोग करें। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम पूरी निष्पक्षता से काम कर रही है, तो राजनीतिक बयानबाजी तुरंत बंद होनी चाहिए।
CM Yogi Ayodhya SIT Action Deoria “राम के अस्तित्व को नकारने और भक्तों पर गोली चलाने वाले न सिखाएं आस्था”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम लिए बिना कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) को आड़े हाथ लिया और उनके इतिहास को याद दिलाया:
- विपक्ष पर तीखा तंज: सीएम ने कहा कि आज जो लोग आस्था की बात कर रहे हैं, उनकी मंशा बेहद खराब है। ये वही लोग हैं जिन्होंने कभी भगवान राम के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया था। एक दल लगातार न्यायालय में मंदिर निर्माण के खिलाफ वकीलों की फौज खड़ी करता रहा, तो दूसरा पक्ष भगवान राम का नाम लेने वाले रामभक्तों पर गोलियां चलवाता था।
- पुराने दंगों का किया जिक्र: मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था पर पूर्ववर्ती सरकारों को घेरते हुए कहा कि ये लोग हमें आस्था क्या सिखाएंगे, जिनके राज में रामनवमी पर दंगे होते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को बैन किया जाता था, कांवड़ यात्रा रोकने की कोशिश होती थी और दुर्गा पूजा में विघ्न डाला जाता था। उन्होंने जनता को ‘लार का दंगा’ भी याद दिलाया।
सपा-कांग्रेस पर डकैती का आरोप: मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि डबल इंजन की सरकार ने विपक्षी दलों की ‘डकैती’ और बेइमानी को रोक दिया है, इसीलिए उनमें छटपटाहट है। जब उन्हें राजनीति चमकाने के लिए कुछ नहीं मिला, तो वे अयोध्या को बदनाम करने और रामभक्तों की आस्था पर आक्षेप लगाने में जुट गए हैं। उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी रामभक्तों की अग्निपरीक्षा लेने का दुस्साहस न करे, क्योंकि कानून अपना काम पूरी कड़ाई से कर रहा है।





