BY
Yoganand Shrivastava
Pune Lohagad Fort Murder Case महाराष्ट्र के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) में ट्रेकिंग के दौरान हुई 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत, जिसे शुरुआत में एक साधारण हादसा माना जा रहा था, वह अब एक सोची-समझी और बर्बर हत्या की साजिश में बदल चुकी है. इस पूरे मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश जून की तपती गर्मी में पहने गए एक ‘हुडी जैकेट’ और टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे की फुटेज से हुआ. केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया था, जो अब पुलिस की गिरफ्त में हैं.
Pune Lohagad Fort Murder Case जून की भीषण गर्मी और कातिल की ‘हुडी’ ने खोल दी पोल
Pune Lohagad Fort Murder Case बीती 18 जून को पुणे के व्यवसायी केतन अग्रवाल अपनी 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किला घूमने गए थे. इसी दौरान एक गहरी खाई में गिरने से केतन की मौत हो गई और सिया ने पुलिस को इसे पैर फिसलने की वजह से हुआ हादसा बताया.
हादसे की कड़ियाँ तब खुलीं जब पुलिस ने किले के टिकट काउंटर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में केतन और सिया के पीछे एक संदिग्ध व्यक्ति शॉर्ट्स और हुडी जैकेट पहने हुए उनका पीछा करता नजर आया. 18 जून को वहां का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था. इतनी भीषण गर्मी में किसी व्यक्ति का हुडी पहनकर चेहरा छिपाना पुलिस को खटक गया. जांच करने पर वह शख्स सिया का प्रेमी चेतन चौधरी निकला.
Pune Lohagad Fort Murder Case बदनाम होने के डर से सगाई तोड़ने के बजाय चुना हत्या का रास्ता
पुलिस की तकनीकी और कॉल डिटेल्स (CDR) जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच लंबे समय से हजारों कॉल हुए थे और दोनों के बीच गहरी नजदीकियां थीं. सिया चेतन से बेहद प्यार करती थी लेकिन नवंबर में उदयपुर के एक महल में केतन के साथ होने वाली अपनी भव्य शादी को सीधे मना नहीं पा रही थी.
पूछताछ में आरोपी चेतन ने कबूल किया कि सिया केतन से सगाई तोड़ने या घर से भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि इससे समाज में उसके परिवार की बदनामी होगी. इसी बदनामी से बचने के लिए दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का खौफनाक रास्ता चुन लिया.
Pune Lohagad Fort Murder Case पहले भी की थी धक्का देने की कोशिश, तीसरी बार में कामयाब हुए आरोपी
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि सिया काफी समय से केतन को लोहगढ़ किला चलने के लिए मजबूर कर रही थी. वह उसे 31 मई को भी वहां ले गई थी और दोबारा 4 जून को जाना चाहती थी, लेकिन उसकी माँ ने रोक दिया था.
- पहला जानलेवा प्रयास: 14 जून को भी सिया ने केतन को एक चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन तब केतन ने एक झाड़ी को पकड़कर खुद को बचा लिया था. उस समय सिया ने ‘सांप’ होने का नाटक कर बात को संभाल लिया था.
- शातिर तरीके से दिया अंजाम: आखिरकार 18 जून को अपने अंतिम प्लान के तहत चेतन ने अपनी दुकान पर मोबाइल स्विच ऑफ करके छोड़ दिया ताकि उसकी लोकेशन वहां न आए. जैसे ही केतन और सिया किले की एक गहरी खाई के पास पहुंचे, चेतन पीछे से आ मिला और दोनों ने मिलकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.
कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है और पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
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