CM Yogi Adityanath Gonda Visit मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। महज़ 13 दिनों के भीतर दोबारा गोंडा पहुंचे मुख्यमंत्री ने देवीपाटन और बस्ती मंडल के विकास कार्यों की मैराथन समीक्षा की। उन्होंने दोनों मंडलों के 33 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 4,901.65 करोड़ रुपये की लागत वाली एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस महापरियोजना का मुख्य फोकस प्रसिद्ध मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।

CM Yogi Adityanath Gonda Visit मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ और मखौड़ा धाम के जुड़ेंगे रास्ते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव सभागार में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने आस्था के प्रमुख केंद्रों तक श्रद्धालुओं की राह आसान करने के निर्देश दिए। सरकार ने मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ (बलरामपुर), स्वामीनारायण मंदिर और बस्ती के ऐतिहासिक मखौड़ा धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ने वाले 13 महत्वपूर्ण मार्गों के कायाकल्प को मंजूरी दी है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 12 नए हेलीपैड बनाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है।

CM Yogi Adityanath Gonda Visit मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनेंगे 810 नए मार्ग
बैठक में ग्रामीण अंचलों की सूरत बदलने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सीएम योगी ने इस योजना के तहत रिकॉर्ड 810 विकास कार्यों को स्वीकृति दी, जिस पर लगभग 1,472.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके माध्यम से गांवों में 1,602 किलोमीटर लंबी नई और पक्की सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इसके साथ ही सूबे में चल रहे ‘गड्ढामुक्त अभियान’ की प्रगति जांचते हुए मुख्यमंत्री ने 50 से अधिक मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण आबादी को मुख्य शहरों से सीधा और सुगम संपर्क मिल सके।
CM Yogi Adityanath Gonda Visit हर विधानसभा को 50 करोड़ का बजट, इंडस्ट्रियल एरिया भी होंगे कनेक्ट
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों मंडलों (गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर) के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से आए 50-50 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों का खुद प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने पिछड़े और आकांक्षात्मक विकासखंडों पर विशेष ध्यान देने को कहा। आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए दो नए राज्य राजमार्गों (State Highways) और प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारने के प्रस्ताव पास किए गए। यातायात को जाम से मुक्त करने के लिए 81 छोटे पुलों (लघु सेतु), 7 बड़े पुलों, शहरी बाईपास और ओवरब्रिज के निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की समयसीमा तय की गई है।





