BY
Yoganand Shrivastava
NTA Technical Glitch Admit Card पेपर लीक विवाद के बाद कल, 21 जून को होने जा रही NEET UG 2026 Re Exam से ठीक पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। नागपुर के एक छात्र अब्दुल्लाह को भारत में केंद्र देने के बजाय सीधे सात समैंडर पार अबू धाबी (यूएई) का परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया। प्रवेश पत्र पर विदेश का सेंटर देखकर छात्र और उसके परिजन हैरान रह गए। मामले के तूल पकड़ते ही अधिकारियों ने तकनीकी खामी की बात कबूल की है और नया एडमिट कार्ड जारी करने का भरोसा दिया है।
NTA Technical Glitch Admit Card तीन भारतीय शहरों का दिया था विकल्प, मिला विदेश का टिकट
NTA Technical Glitch Admit Card नागपुर के रहने वाले छात्र अब्दुल्लाह ने री-एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्र के रूप में अपनी पहली तीन प्राथमिकताओं में नागपुर, वर्धा और भंडारा शहरों को चुना था। लेकिन एनटीए के सिस्टम ने इन तीनों घरेलू विकल्पों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए छात्र को सीधे अंतरराष्ट्रीय केंद्र अलॉट कर दिया। प्रवेश पत्र सामने आते ही परिवार की चिंताएं बढ़ गईं, क्योंकि कल ही परीक्षा होनी है और इतनी जल्दी विदेश यात्रा करना किसी भी हाल में मुमकिन नहीं था।
NTA Technical Glitch Admit Card ईमेल पर शिकायत के बाद जागा प्रशासन, 4 बजे तक सुधरेगी गलती
इस बड़ी गड़बड़ी के बाद छात्र के पिता डॉक्टर मोहम्मद तालिब ने तुरंत शिक्षकों और जानकारों से सलाह लेकर एनटीए की हेल्पलाइन पर संपर्क साधा। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार को ईमेल के जरिए लिखित शिकायत और पुराने एडमिट कार्ड की कॉपी भेजने को कहा। अधिकारियों ने माना कि यह एक Technical Glitch है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी एनटीए ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद छात्र को नागपुर में ही नया केंद्र अलॉट किया जा रहा है और आज शाम 4 बजे तक संशोधित हॉल टिकट जारी कर दिया जाएगा।
NTA Technical Glitch Admit Card पिछली बार बेहतर हुआ था पेपर, गड़बड़ी से सदमे में है छात्र
अब्दुल्लाह के पिता डॉक्टर मोहम्मद तालिब ने बताया कि उनका बेटे की पढ़ाई बहुत अच्छी है। पिछली परीक्षा में उसे नागपुर का ही सरस्वती विद्यालय केंद्र मिला था और उसका पेपर भी बेहतरीन गया था। पहली परीक्षा रद्द होने के बाद उसने दोबारा कड़ी मेहनत की थी, लेकिन ऐन वक्त पर प्रशासनिक लापरवाही के कारण वह गहरे सदमे (शॉक) में है। परिजनों का कहना है कि वे बच्चे को मानसिक रूप से संभाल रहे हैं। अगर आज नागपुर, वर्धा या भंडारा में से कोई सेंटर मिल जाता है, तो वे कल परीक्षा में जरूर शामिल होंगे; अन्यथा किसी अन्य दूरदराज के शहर में जाना अब संभव नहीं होगा।





