BY
Yoganand Shrivastava
Kota Chandresal Math Mahant Murder राजस्थान के शिक्षा नगरी कहे जाने वाले कोटा शहर के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान और आक्रोशित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के ऐतिहासिक और प्राचीन चंद्रेसल मठ में देर रात अज्ञात बदमाशों ने परिसर में सो रहे 35 वर्षीय महंत देवानंद महाराज की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने सोते हुए महंत पर ताबड़तोड़ कई वार किए और वारदात को अंजाम देकर मौके से रफूचक्कर हो गए। इस वीभत्स हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी खोजी कुत्तों और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे हैं।
Kota Chandresal Math Mahant Murder पुजारी के कमरे की बाहर से लगाई कुंडी, फिर महंत को उतारा मौत के घाट
कोटा देहात भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकुट नागर और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात हथियारों से लैस अज्ञात बदमाश दीवार फांदकर चंद्रेसल मठ परिसर में दाखिल हुए थे। उस समय मठ के मुख्य पुजारी और महंत अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। बदमाशों ने बेहद शातिराना तरीके से पहले पुजारी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर कुंडी लगा दी, ताकि वे मदद के लिए बाहर न आ सकें।
इसके बाद बदमाश महंत के कमरे में घुसे और गहरी नींद में सो रहे स्वामी देवानंद महाराज पर चाकुओं से हमला बोल दिया। बदमाशों ने उनके गले, छाती और पीठ पर एक के बाद एक कई जानलेवा वार किए, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण महंत की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
Kota Chandresal Math Mahant Murder सवाई माधोपुर के रहने वाले थे स्वामी देवानंद, 4 साल से जुड़े थे मठ से
पुलिस ने बताया कि मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा तहसील अंतर्गत रजवाना गांव के रहने वाले स्वामी देवानंद महाराज पिछले चार वर्षों से इस मठ की देखरेख और सेवा से जुड़े हुए थे। वे मायापुरी अखाड़े के संत थे। हालांकि, वे मठ में नियमित रूप से स्थायी तौर पर नहीं रहते थे, बल्कि उनका यहां लगातार आना-जाना बना रहता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कोटा के एमबीएस (MBS) अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
Kota Chandresal Math Mahant Murder करोड़ों की संपत्ति और सैकड़ों बीघा जमीन, हत्या की वजह तलाश रही पुलिस
हत्या की असली वजह अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आ पाई है, लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर तफ्तीश कर रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, चंद्रेसल मठ काफी प्राचीन और ऐतिहासिक है, जिसके पास सैकड़ों बीघा कृषि भूमि है जो सरकार के माध्यम से स्थानीय किसानों को खेती के लिए दी जाती है। इसके अलावा, मठ का करोड़ों रुपया भी जिला प्रशासन के खातों में सुरक्षित रहता है। हाल ही में पुरातत्व विभाग द्वारा यहां बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और विकास कार्य कराया जा रहा था, जिससे मठ की रौनक काफी बढ़ गई थी। मठ का संचालन एक विशेष समिति और ट्रस्ट के जरिए होता है। ऐसे में पुलिस जमीन, संपत्ति विवाद और आपसी रंजिश समेत तमाम कोणों से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
Kota Chandresal Math Mahant Murder पुलिस टीमों का गठन, आरोपियों की तलाश तेज
बोरखेड़ा थाना पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद फरार हुए आरोपियों को चिह्नित करने के लिए मठ के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चंद्रेसल गांव और मठ परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।





